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मुख्य सचिव राधा रतूड़ी
– फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा की मजिस्ट्रेरी जांच के आदेश दे दिए हैं। कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत को जांच सौंपी गई है। उन्हें 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन पर पथराव हो गया। उपद्रवियों ने थाना तक फूंक डाला।
पुलिस को शांति व्यवस्था कायम करने के लिए कर्फ्यू लगाना पड़ा। इस दौरान हुए पथराव और हमले में 150 से अधिक पुलिस-प्रशासन और मीडिया कर्मचारी घायल हो गए। पुलिस फायरिंग में कुछ लोगों की जानें भी गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को हल्द्वानी भेजा।
शाम को वह खुद हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने हिंसा के शिकार पुलिस, प्रशासन और मीडिया के लोगों की आप बीती सुनीं। सीएम ने अराजक और उपद्रवी तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। शनिवार को हल्द्वानी हिंसा की न्यायिक जांच की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में ज्ञापन सौंपा था।
बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटाया
उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू जारी है। हालांकि बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। बनभूलपुरा में ही धार्मिक स्थल तोड़ने पर भीड़ ने गुरुवार को आगजनी और तोड़फोड़ की थी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने एसओ मुखानी, सहायक नगर आयुक्त और एसओ बनभूलपुरा की तहरीर पर 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है।
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