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अंजुला माहौर
– फोटो : अमर उजाला
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भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशवदेव गौतम ने हाथरस सदर विधायक अंजुला माहौर के जाति प्रमाण पत्र के फर्जी होने का आरोप लगाते हुए एमपी- एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। न्यायालय में 3अक्तूबर को पीठासीन अधिकारी के न होने की वजह से प्रकरण में सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायालय में इस प्रकरण में 30 अक्तूबर की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई है।
परिवादी केशव देव गौतम ने हाथरस के एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। परिवादी पंडित केशवदेव गौतम का आरोप है कि हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर रिजर्व सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं।
उन्होंने अपना जाति प्रमाण पत्र अपने मायके की जाति को छिपाकर अपने ससुराल की जाति के आधार पर फर्जी रूप से तैयार कराया है। पंडित केशवदेव गौतम का आरोप है कि किसी भी महिला का जाति प्रमाण पत्र ससुराल पक्ष से नहीं माना जाता, उसके मायके से ही बनाया जाता है। न्यायालय में अब इस मामले में सुनवाई के लिए 30 अक्तूबर की तिथि नियत की गई है।
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