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हाथरस भाजपा विधायक अंजुला माहौर
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हाथरस के एमपी एमएलए कोर्ट में भाजपा की सदर विधायक अंजुला माहौर के खिलाफ दर्ज परिवाद में बार काउंसिल के आह्वान पर अधिवक्ताओं के कार्य से विरत होने व पीठासीन अधिकारी के न होने की वजह से सुनवाई नहीं हो पाई। न्यायालय ने इस प्रकरण में सुनवाई के लिए 6 सितंबर की तिथि नियत की है।

यह है मामला
भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशवदेव गौतम ने हाथरस सदर विधायक अंजुला माहौर के जाति प्रमाण पत्र के फर्जी होने का आरोप लगाते हुए एमपी एमएलए कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था। परिवादी केशवदेव गौतम का आरोप है कि हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर रिजर्व सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं।
परिवाद में विधायक अंजुला माहौर पर आरोप है कि उन्होंने अपना जाति प्रमाण पत्र अपने मायके की जाति को छिपाकर अपने ससुराल की जाति के आधार पर फर्जी रूप से तैयार कराया है। केशव देव गौतम का परिवाद में कहना है कि किसी भी महिला का जाति प्रमाण पत्र ससुराल पक्ष से नहीं माना जाता, उसके मायके से ही बनाया जाता है। न्यायालय में अब इस मामले में सुनवाई के लिए 6 सितंबर की तिथि नियत है।
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