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हाथरस महोत्सव में कव्वाली पेश करते निजामी बंधु
– फोटो : अमर उजाला
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हाथरस के बागला कॉलेज के मैदान में चल रहे हाथरस महोत्सव में सूफी गायक चांद निजामी बंधुओं ने समां बांध दिया। ‘भर दो झोली मेरी या मोहम्मद लौट कर मैं न जाऊंगा खाली’ और ‘मेरे रश्क-ए-कमर तूने पहली नजर…’ पर दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अर्चना वर्मा व अन्य अधिकारियों ने उनका सम्मान किया।
निजामी बंधुओं ने दिल दिया है जा भी देंगे ए वतन तेरे लिए… गीत के माध्यम से देशभक्ति के रंग भी भरे। छाप तिलक सब छीनी रे…, दमादम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर… सहित कई कव्वालियों और गीतों दर्शकों का मन मोह लिया।
दिल्ली से आए निजामी बंधुओं को सुनने के लिए दर्शक बेताब नजर आए। निजामी बंधुओं ने शायराना और सूफी अंदाज की एक से बढ़कर एक कव्वालियों की प्रस्तुति दी। दर्शकों की फरमाइश पर भी कव्वालियां पेश कीं गईं।
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