Hathras News: आत्मनिर्भर भारत का आधार पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 25 व 26 फरवरी को, आएंगी श्रीनगर गढ़वाल कुलाधिपति

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आरडी गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या और गोष्ठी समन्वयक प्रो इंदु वार्ष्णेय सेमिनार के बारे में बताते हुए

आरडी गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या और गोष्ठी समन्वयक प्रो इंदु वार्ष्णेय सेमिनार के बारे में बताते हुए
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाथरस के आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में 25 व 26 फरवरी को ग्रामीण विकासःआत्मनिर्भर भारत का आधार विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा। जिसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढवाल की कुलाधिपति हेमवती नंदन बहुगुणा शिरकत करेंगी। गोष्ठी में देशभर से विशेषज्ञ शामिल होंगे। 

आरडी गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या और गोष्ठी समन्वयक प्रो इंदु वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले एक दशक में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर प्रवासन तेजी से हुआ है। वैश्विक महामारी कोविड 19 के दौरान भारत में रिवर्स माइग्रेशन व्यापक पैमाने पर हुआ है। ग्रामीण विकास को गति देने के लिए एक बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता है। बुनियादी ढांचा किसी भी देश की प्रगति और आर्थिक विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। ग्रामीण भारत के विकास के लिए बुनियादी ढांचे का विकसित होना अनिवार्य है। यदि गांव का विकास होगा तभी शहरों की तरफ होने वाला पलायन कम होगा। 

इस दिशा में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) जो कार्य कर रहीं है। नाबार्ड भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षमता निर्माण एवं ऋण सुविधा प्रदान करने की सर्वोच्च संस्था है। भारत में 75 प्रतिशत से अधिक लोग कृषि पर निर्भर हैं । ग्रामीण अवसंचरना निवेश से ग्रामीण लोगों की सामाजिक- आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायता मिलती है। जिससे उनके जीवन गुणवत्ता एवं आय में वृद्धि होती है। इन्हीं सब बातों पर संगोष्ठी में विशेषज्ञ अपने-अपने विचार रखेंगे। 

गोष्ठी के ये होंगे उद्देश्य

  • भारत के विकास को गति प्रदान करना ।
  • भारत की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान प्रदान करना। 
  • उन्नत आजीविका के लिए प्रोत्साहित करना ।
  • महिला सशक्तिकरण को बल प्रदान करना । 
  • उद्यमिता एवं कौशल विकास योजना को बढ़ावा देना ।
  • स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना।
  • नाबार्ड के माध्यम से प्राप्त ऋण सुविधा, स्वयं सहायता समूह, डेयरी उद्यमिता विकास योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन जैसी योजनाओं से होने वाले लाभों से महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं, ग्राम प्रधानों, एसएचसी एवं एनजीओ के माध्यम से ग्रामीण जनों को जागरूक करना है।

इन विषयों पर होगी विस्तार से चर्चा

  • ग्रामीण विकास में शिक्षा की भूमिका।
  • ग्रामीण विकास में उद्यमिता एवं कौशल विकास योजनाओं की भूमिका।
  • ग्रामीण विकास में महिलाओं की भूमिका।
  • ग्रामीण युवाओं का सतत एवं समावेशी विकास। 
  • ग्रामीण विकास में समाज की भूमिका।
  • ग्रामीण विकास में मनरेगा की भूमिका।
  • ग्रामीण विकास में अनुसंधान एवं नवाचार की भूमिका ।
  • ग्रामीण विकास में सूचना एवं प्राद्योगिकी की भूमिका।
  • ग्रामीण भारत के विकास में कला, संस्कृति एवं साहित्य की भूमिका।
  • ग्रामीण विकास में पौषण एवं स्वास्थ्य की भूमिका।
  • ग्रामीण विकास में पंचायती राज की भूमिका। 
  • कृषि उद्यमिता एवं ग्रामीण विकास।

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