Hathras News: एएसपी को राज्य मानवाधिकार आयोग ने किया तलब, यह है मामला

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मानवाधिकार आयोग

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– फोटो : अमर उजाला

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उत्तर प्रदेश मानवााधिकार आयोग ने एक मामले में अपर पुलिस अधीक्षक को 11 अप्रैल में दोपहर 12.30 बजे आयोग के लखनऊ स्थित मुख्यालय पर तलब किया है। इस आशय का एक पत्र पुलिस अधीक्षक को भी भेजा है। एएसपी द्वारा एक मामले में खुद जांच न कर इस जांच को सीओ से कराए जाने पर नाराजगी जताई है।

सादाबाद के गांव वेदई निवासी लोचन सिंह ने राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी कि उसका बेटा विष्णु तीन साल पहले अलीगढ़ जेल में बंद रहा था। जेल में उसका झगड़ा प्रदीप उर्फ निरंजन से हो गया था। तब प्रदीप ने उसके बेटे को धमकी दी थी कि तुझे जेल से निकलने के बाद देखूंगा। चार अगस्त 2021 को पुलिस विष्णु को दबिश को अपने साथ ले गए। बाद में पता चला कि प्रदीप उर्फ निरंजन चोरी के आरोप में अपने साथियों के साथ पकड़ा गया तो उसने विष्णु का नाम भी जानबूझकर बदला लेने के लिए ले दिया। 

लोचन सिंह ने इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की तो मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में जांच आख्या मांगी। इस पर यहां से आख्या भेज दी गई। इस पर आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बाल कृष्ण नारायण के समक्ष ऑनलाइन हुई। आयोग द्वारा पारित आदेश 9 दिसंबर 2022 के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक ने अपने पत्र के माध्याम से अवगत कराया कि इस मामले में सीओ सादाबाद द्वारा जांच प्राप्त की गई है। इसमें सीओ सादाबाद की आख्या में कहा गया है कि मामला हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र का है, इसलिए लोचन सिंह के प्रार्थना पत्र की विस्तृत जांच कि सीओ सिटी से कराने की बात कही है। 

सुनवाई के बाद आयोग ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि जांच आख्या के परिशीलन से यह प्रतीत होता है कि अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा आयोग को बिना देखे आख्या अग्रसारित कर दी है। जबकि पूरी कार्यवाही उनके स्तर से ही की जानी थी। इसलिए वह व्यक्तिगत रूप से 11 अप्रैल को दोपहर 12.30 बजे आयोग के लखनऊ मुख्यालय पर उपस्थित हों। आयोग ने शिकायतकर्ता लोचन सिंह को नियत समय पर बुलाया है।

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