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भारतीय सेना
– फोटो : Twitter
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हाथरस के जिला बने हुए 26 साल हो गए लेकिन पूर्व सैनिकों के लिए यहां मिलिट्री अस्पताल और कैंटीन आदि नहीं है। इस कारण पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को मथुरा, आगरा जाना पड़ता है।
पूर्व सैनिक संगठनों ने कई बार सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
जिला सृजन के 26 साल बीतने बाद भी पूर्व सैनिकों के लिए सुविधाएं विकसित नहीं की गई हैं। पूर्व सैनिकों के लिए जिले में अस्पताल नहीं हैं। उनको परिजनों के साथ इलाज कराने के लिए मथुरा और आगरा तक जाना पड़ता है। गंभीर बिमारी से ग्रसित पूर्व सैनिकों को कई बार समय पर इलाज मुहैया नहीं हो पाता है।
इसके आलावा मथुरा और आगरा तक आने जाने में भी काफी परेशान का सामना करना पड़ता हैं। कई बार बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ता है। साथ ही जिले में कैंटीन नहीं होने के कारण हर माह रोजमर्रा का सामान लेने के लिए भी अन्य कैंटीनों की मदद लेनी पड़ती है। गंतव्य की दूरी तय करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पूर्व सैनिकों के लिए आज तक जिले में कैंटीन की व्यवस्था नहीं की गई। इसलिए मथुरा से सामान खरीद कर लाना पड़ता है। यहां कैंटीन बन जाए तो काफी सुविधा मिलेगी। – गंभीर सिंह, पूर्व सैनिक
यहां पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों के उपचार के लिए अस्पताल नहीं है। एक डिस्पेंसरी जरूर है। ऐसे में बिमार होने पर उपचार के लिए बड़े शहरो में सैनिक अस्पताल जाना पड़ता है या प्राइवेट उपचार कराना पड़ता है। – विवेक कुमार, पूर्व सैनिक
सैनिकों की जरूरत के हिसाब से यहां पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जिले में काफी पूर्व सैनिक है, उनको सुविधा देने के लिए कैंटीन व अस्पताल खोला जाए। – सहदेव सिंह, पूर्व सैनिक
सैनिकों के लिए यदि यहां कैंटीन खुल जाए तो पूर्व सैनिकों को सुविधा मिलेगी। अस्पताल भी ऐसी जगह खोला जाएं, जहां बुजुर्ग पूर्व सैनिक आसानी से पहुंच सके। – पूरन सिंह, पूर्व सैनिक
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