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भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन।
– फोटो : संवाद
विस्तार
मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई है। इससे जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। भारी बारिश से प्रदेश के कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। गुरुवार शाम तक प्रदेश भर में 59 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। ऊना सदर विधानसभा क्षेत्र के चढ़तगढ़ गांव के श्मशानघाट में गुरुवार शाम को अचानक खड्ड का पानी घुस गया। गांव के लोग अंतिम संस्कार के लिए श्मशानघाट में थे। अचानक घुसे पानी से अफरा-तफरी मच गई। कई लोग श्मशानघाट की छत और कुछ चाहदीवारी पर चढ़ गए। करीब साढ़े तीन फीट पानी जमा होने से वहां जल रही चिता भी बुझ गई। सूचना मिलने पर एसडीएम ऊना सहित अग्निशमन व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
करीब दो घंटे के बाद लोगों को वहां से बाहर निकाला गया। पानी कम होने पर अधजले शव को दोबारा अग्नि दी गई। वहीं, प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच गुरुवार को रोहतांग दर्रा, शिंकुला और बारालाचा दर्रा में बर्फ के फाहे गिरे। जिला चंबा के भटियात की गाहर पंचायत के जुलाकड़ी गांव में बुधवार देर रात को तेज बारिश के चलते कई घरों में पानी और मलबा घुस गया। घर में सो रहे परिवार को अपनी जान बचाने के लिए खिड़की से भागना पड़ा। प्रदेश भर में 59 सड़कों पर आवाजाही ठप है। भारी बारिश से धर्मपुर-गढ़खल-कसौली सड़क टूट गई है। अब सुखी जोहड़ी से कसौली के लिए आवाजाही हो रही है। मलबा गिरने से कालका-शिमला एनएच भी प्रभावित रहा।

शिमला में भी जगह-जगह भूस्खलन
उधर, शिमला में भी जगह-जगह भूस्खलन की सूचना है। शहर के टुटू में भूस्खलन से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। वहीं, मज्याठ में भारी बारिश से बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। शिमला के बीसीएस में तारा माता मंदिर के पास मुख्य सड़क पर भूस्खलन हुआ है। भारी बारिश से शिमला में पेयजल योजनाओं में बड़ी मात्रा में गाद आई है। गिरि परियोजना में मानसून सीजन के दौरान गाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
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