High Court : गैंग रेप, एससीएसटी एक्ट में लोगों को फंसाने वाले गैंग को नहीं मिली राहत

[ad_1]

हाईकोर्ट।

हाईकोर्ट।
– फोटो : amar ujala

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट से सामूहिक बलात्कार और एससीएसटी एक्ट में अनजान लोगों को फंसाकर वसूली करने वाले गैंग को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने गैंग के खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने गैंग को अग्रिम जमानत या फिर सीआरपीसी की धारा 482 की धारा के तहत प्राथमिकी रद्द करने की अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति गजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने नफीसा व चार अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।

याचियों के खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में आईपीसी की धारा 384, 420, 195, 506, 120बी, 211 के तहत पिछले वर्ष प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन पर आरोप है कि याची सहित सभी चार अन्य आरोपी अनजान लोगों केखिलाफ सामूहिक बलात्कार और एससीएसटी एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज कराकर अवैध रूप से धन उगाही कर रहा है। गैंग को सह अभियुक्त अधिवक्ता माधव तिवारी द्वारा संचालित किया जा रहा है।

याचियों की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ 156(3) के तहत झूठा केस दर्ज कराकर आपराधिक मामले में समझौता करने का दबाव बनाया गया। जब याचियों ने प्रतिवादियों की बात नहीं मानी तो वे लाठी-ठंडा लेकर उसके घर चढ़ आए और मारा पीटा। इसके खिलाफ शिकायत की गई है। जबकि, प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि यह गैंग अजनान लोगों को झूठें केसों में फंसाकर अवैध वसूली कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया याचियों केखिलाफ अपराध नजर आ रहा है। लिहाजा, अधिकारियों की ओर से विस्तृत जांच की जरूरत है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *