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आजम खान
– फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समाजवादी पार्टी के नेता की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि वह इस मामले में याचिका दायर करने के लिए निचली अदालत में जाए। क्योंकि, आजम खान को जमानत निचली अदालत से ही मिली हुई है। मामले की सुनवाई जस्टिस डीके सिंह की पीठ कर रही थी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आजम खां को 13 मामलों में मिली जमानत रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। उत्तर प्रदेश सरकार को तर्क था कि आजमखान ट्रायल में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले हैं। वह जमानत का दुरूपयोग कर रहा है। कोर्ट ने सरकार के तर्कों को मजबूत नहीं माना और कहा कि जिस कोर्ट ने जमानत दी है। जमानत निरस्त अर्जी वहीं दाखिल करे।
इससे पहले मई 2022 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आजम खान को एक मामले में अंतरिम जमानत दी थीए जो वक्फ बोर्ड की संपत्ति की भूमि पर गलत कब्जे से संबंधित था।आजम खान के खिलाफ जौहर विश्वविद्यालय के लिए भूमि के अधिग्रहण करने के मामले में रामपुर में कई प्राथमिकी दर्ज है। मामले में निचली अदालत ने उन्हें जमानत दे रखी है। यूपी सरकार उन जमानत अर्जियों को निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी लेकिन यूपी सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिली।
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