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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि स्कूलों में प्ले ग्राउंड का होना शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। कोर्ट ने विद्यालय परिसर में प्ले ग्राउंड की अनिवार्यता न होने और परिसर के बाहर प्ले ग्राउंड होने पर भी मान्यता देने के उपबंध को वेग, निराधार करार दिया है।
कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश से हलफनामा मांगा है। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी भदोही को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का आदेश दिया है कि क्या विद्यालय का भौतिक सत्यापन किया गया है, अगर किया गया है तो रिपोर्ट दें और संस्था परिसर में ही प्ले ग्राउंड है तो उसका परिमाप बताएं। याचिका की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने सदानंद व दाता प्रसाद हेरिटेज जूनियर हाईस्कूल भदोही की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट के आदेश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी भदोही भूपेंद्र नारायण सिंह हाजिर हुए और बताया कि विद्यालय परिसर में प्ले ग्राउंड होना मान्यता देने के लिए जरूरी नहीं है। वह समीप में भी हो सकता है, जिसका बच्चे उपयोग कर सकते हो। जिसे कोर्ट ने सही नहीं माना और हलफनामा तलब किया है।
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