Himachal: इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी कम करने और पुराने उद्योगों को सब्सिडी देने पर विचार

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Consideration of reducing electricity duty and giving subsidy to old industries.

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान
– फोटो : संवाद

विस्तार


उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी कम करने पर विचार कर रही है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह जानकारी विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर की ओर से सदन में उठाए गए मामले के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री से बातचीत हुई है। प्रदेश में स्थापित उद्योगों में कामगारों को बाहरी राज्यों से लाने वाली निजी बसों के टैक्स को कम किया जाएगा। यह इसलिए ताकि उद्योगों में काम करने वाले कामगारों को परेशानियां न हो सके। उन्होंने कहा कि नए उद्योगों को कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। पुराने उद्योगों को भी सब्सिडी देने पर विचार चल रहा है।

मंत्री ने कहा कि बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में बाहरी राज्यों से बसें हिमाचल आती हैं। उद्योगों में कामगारों को लाने वाली बसों को भी टैक्स देना पड़ रहा है। ऐसे में इनके टैक्स में कमी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने डीजल और डीजल पर जरूर वैट बढ़ाया है, लेकिन हिमाचल में पड़ोसी राज्यों के मुकाबले डीजल और पेट्रोल सस्ता है। वित्तीय स्थिति को देखते हुए वैट बढ़ाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को हिमाचल लाने के लिए लैंड बैंक स्थापित किया हैै।

इसमें सरकार के पास 3714 बीघा जमीन उपलब्ध है, जबकि 5623 जमीन को सरकार के नाम करवाने का प्रोसेस चल रहा है। उन्होंने कहा कि परवाणू में अभी सरकार के पास 180 बीघा जमीन है। सरकार यहां पर 117 बीघा जमीन और लेने जा रही है। यहां पर सरकार आईटी सेक्टर बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए भी लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क में लगने वाली 4 प्रयोगशाला के 52 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं।

बल्क ड्रग पार्क के लिए बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्था की जा रही है। इसको लेकर संबंधित विभागों को पैसा दिया गया है। इससे पहले इससे पहले बिक्रम सिंह ठाकुर ने सदन में मामला उठाते हुए कहा कि सरकार ने ट्रांस्पोर्टेशन टैक्स, डीजल पर वैट और बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है। इसके चलते स्थापित उद्योग पलायन की तैयारियों में है। उन्होंने कहा कि बिजली पर ड्यूटी को बढ़ाए जाने से उद्योगपति हिमाचल आने गुरेज करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी लगाने वाला राज्य हिमाचल बन गया है।

388 करोड़ से बन रहे बगलामुखी और रोहतांग रोपवे

शिमला। प्रदेश में 388.65 करोड़ की लागत से बगलामुखी रोपवे और पलचान-रोहतांग रोपवे का काम चल रहा है। इनके अलाव 23 अन्य रोपवे प्रस्तावित हैं। सुलह से विधायक विपिन सिंह परमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को यह जानकारी दी। जिला कांगड़ा में 156 करोड़ की लागत से बीड़-बिलिंग रोपवे, 585.27 करोड़ की लागत से भटारका-थाथरी-चूंजा ग्लेशियर रोपवे और 289 करोड़ की लागत से आदि हिमानी-चामुंडा रोपवे प्रस्तावित हैं।

दो चरणों में 3010 मीटर तक बढ़ेगा कांगड़ा हवाई अड्डे का रनवे

 भारतीय विमानपतन प्राधिकरण दिल्ली से प्राप्त ड्राफ्ट मास्टर प्लान के अनुसार कांगड़ा हवाई अड्डे के रनवे को 1376 मीटर से 3010 मीटर तक दो चरणों में बढ़ाने का प्रस्ताव है। परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों का सर्वे प्रगति पर है। विस्थापित परिवारों को भू अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 26 के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। कांगड़ा से विधायक पवन काजल के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

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