[ad_1]

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स चला रहे संस्थानों को ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निलक एजुकेशन से अगले सत्र के लिए कोर्स के नए बैच शुरू करने को अनुमति लेना अनिवार्य किया है। विवि के कुलसचिव की ओर से इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इसमें कहा गया है ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन के चेयरमैन प्रो. टीजी सिथाराम की की ओर से जारी आदेशों की पालना करते हुए संस्थानों में चल रहे बीबीए, बीसीए, बीएमएस कोर्स के लिए काउंसिल से अनुमति लेने को अनिवार्य किया गया है। विवि ने एआईसीटीई की ओर से जारी आदेशों के साथ अधिसूचना विवि की वेबसाइट पर अपलोड की है।
विवि परिसर और इसके अपने मैनेजमेंट और कंप्यूटर संस्थानों, कॉलेजों में ये कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर के अधिकतर बड़े कॉलेजों में बीसीए जैसे कोर्स चल रहे हैं, वहीं कुछ में बीबीए कोर्स भी करवाए जा रहे हैं। इन सभी कॉलेजों को नया सत्र शुरू होने से पूर्व एआईसीटीई से अप्रूवल लेनी होगी, तभी वे कोर्स संचालित कर सकेंगे।
एचपीयू सत्र 2024 में लागू होगा एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट
यूजीसी की उच्च अध्ययन संस्थानों के सभी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट से जोड़ने के फैसले को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय लागू करेगा। विवि के कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र शर्मा ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अनुसार अब विवि में हर यूजी, पीजी, डिग्री, डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने वाले हर छात्र का एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में खाता खुलेगा। पूरा एकेडमिक रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।
[ad_2]
Source link