Himachal: कुल्लू-लाहौल से निकाले 60,000 पर्यटक, सातवें दिन भी कई क्षेत्रों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के चलते कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति में फंसे 60,000 पर्यटकों को प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों ने सुरक्षित निकाल लिया है। ये लोग सुरक्षित अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं। लगभग 10,000 सैलानी अभी भी फंसे हैं, जो लाहौल के साथ मनाली, मणिकर्ण, सैंज, तीर्थन घाटी में हैं। कुल्लू के कसोल से भी 10,000 पर्यटक निकाले गए हैं। प्रदेश के कई इलाकों में अभी भी बिजली-पानी और दूध की आपूर्ति नहीं हो पाई है। प्रदेश में 719 सड़कें अभी बंद हैं। कालका-शिमला हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है।

वहीं, लाहौल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए इस्राइल दूतावास ने उन्हें एयरलिफ्ट करने की इच्छा जताई, जिसे प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। पुलिस की अपील पर सुरक्षित निकाले गए ज्यादातर पर्यटकों ने कुल्लू-मनाली में ही अपने वाहन छोड़ दिए हैं। पुलिस वाहन की सुरक्षा पर्ची देगी। वहीं, लाहौल के चंद्रताल और बातल में फंसे 255 सैलानियों को गुरुवार दोपहर 3:00 बजे तक रेस्क्यू किया। इन्हें रेस्क्यू करने के लिए 65 साल के बागवानी मंत्री एवं नुकसान के आकलन के लिए बनाई कमेटी के अध्यक्ष जगत सिंह नेगी तीन जेसीबी और रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचे थे।

खड्ड में बहने से बच्ची की मौत

सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल की कूंहट पंचायत के कांडी गांव में 12 वर्षीय बच्ची की खड्ड में बहने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अनुष्का अपनी दादी सीता देवी के साथ रिश्तेदार के घर सोनल में शादी समारोह में गई थी। लौटते समय मिल्लाह-मागनल खड्ड पार करते उसका पांव फिसला और संतुलन खोने पर खड्ड में गिरकर पानी के तेज बहाव में बह गई। 

मंडी-कुल्लू एनएच छोटे वाहनों के लिए बहाल

औट में शनिदेव मंदिर के पास बंद मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे को छोटे वाहनों के लिए वनवे खोल दिया गया है। इससे कुल्लू और मंडी के लोगों को भारी राहत मिली है। किसानों और बागवानों ने भी राहत की सांस ली है। उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने बताया कि वाया चैलचौक होते हुए छोटे वाहन मंडी जा सकते हैं और प्रयास किए जा रहे है कि सात मील के पास कल शुक्रवार को मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया जाएगा। 

 

 1,000 पेयजल परियोजनाएं और 2,498 बिजली ट्रांसफार्मर ठप

ग्रांफू-काजा वाया कुंजम दर्रा, तांदी-लेह हाईवे सहित 719 सड़कें ठप हैं। 1,000 पेयजल परियोजनाएं और 2,498 बिजली के ट्रांसफार्मर ठप हैं। कुल्लू जिला में अभी तक 20 शव बरामद हुए हैं। इनमें से सात की पहचान नहीं हो पाई है। कुल्लू, मंडी, लाहौल, शिमला और सोलन में पैकेट बंद दूध की आपूर्ति नहीं हो पाई है। कालका-शिमला हाईवे हालांकि खुल गया है, लेकिन हाईवे से सटे क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में दूध और जरूरी सामान की आपूर्ति नहीं हो पाई है।


कई जिलों में पेयजल नहीं

सिरमौर जिले में जलशक्ति विभाग की 143 पेयजल योजनाएं वीरवार को भी बंद रहीं। इससे जिलेभर में 55,000 की आबादी प्रभावित हो रही है। शिमला में सातवें दिन भी 43 एमएलडी पानी की रोजाना जरूरत होती है, लेकिन 18 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हुई। हमीरपुर जिले में डीसी और एसपी कार्यालय तक को पानी नहीं मिल रहा है।


सीएम ने सांगला और थुनाग बाजार में कीचड़ पर चलकर लिया नुकसान का जायजा

वहीं, थुनाग बाजार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू गुरुवार को यहां पहुंचे। बाजार में कीचड़ भरे रास्तों पर चलकर स्वयं कई दुकानों का निरीक्षण किया और दुकानदारों और स्थानीय लोगों को मदद का आश्वासन दिया। सीएम को दुकानदारों ने अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने अधिकारियों को थुनाग के साथ बहते नाले के तटीकरण के भी निर्देश दिए। 


सीएम ने किन्नौर के सांगला में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। वहां सीएम ने लोगों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने थुनाग और सांगला में बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान बाढ़ में बह गए हैं, उन्हें सरकार नए मकान बनाने के लिए जमीन देगी। 


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