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क्रिप्टोकरेंसी।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के मामले की जांच के लिए गठित प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में 35 स्थानों पर दबिश दी। एसआईटी ने कांगड़ा, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और सोलन जिले के बद्दी में आरोपी सुखदेव और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के आवासीय परिसरों की तलाशी ली। इसके अलावा पंजाब और चंडीगढ़ में भी तलाशी अभियान चला। हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार तलाशी के दौरान एसआईटी को मामले से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। एसआईटी ने कई दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण व वाहनों को जब्त किया।
एसआईटी के अनुसार तलाशी के दौरान दौरान एकत्र किए गए सबूत क्रिप्टो मुद्रा घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी भी मामले में मुख्य सरगना फरार है। मंडी पुलिस ने एक साथ 18 जगहों पर दबिश देकर संदिग्धों के घरों में जांच-पड़ताल की। धनोटू पुलिस थाना के तहत चार, सुंदरनगर थाना के तहत पांच, बल्ह थाना के तहत तीन, सरकाघाट थाना के तहत एक, धर्मपुर के तहत दो और मंडी शहर में दो स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी। धर्मपुर के कौंसल गांव में मुख्य आरोपी सुखदेव के घर भी पुलिस पहुंची। यहां टीम ने परिजनों से भी पूछताछ की। पुलिस ने सुखदेव की पत्नी का मोबाइल जब्त कर लिया है। वहीं, हमीरपुर में अणु व नौहंगी और सोलन के बद्दी में छह जगह दबिश दी है
मंडी साइबर पुलिस थाना में आठ और शिकायतें दर्ज, एक करोड़ ठगी के आरोप
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर मंडी साइबर पुलिस थाना में रोजाना ठगी के शिकार हुए लोग पहुंच रहे हैं। शनिवार को आठ शिकायतकर्ता मंडी साइबर पुलिस थाना पहुंचे और ठगी को लेकर शिकायत दर्ज करवाई। इन आठ शिकायतों में करीब एक करोड़ रुपये ठगी करने के आरोप लगाए गए हैं। इस तरह अब कुल करीब 50 शिकायतें मंडी साइबर थाना में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी को लेकर दर्ज हो चुकी हैं। उधर, बताया जा रहा है कि इस पूरे खेल के मास्टर माइंड सुभाष को बीते दिनों ढूंढते हुए पंजाब पुलिस भी मंडी पहुंची थी। वहीं मंडी के धर्मपुर में भी 60 लोगों से 1.24 करोड़ की ठगी की शिकायत दी है।
यह है मामला
क्रिप्टो करेंसी में प्रदेश में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी हुई है। प्रदेश भर में अब तक 15 से 20 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि 50 से अधिक शिकायतें पुलिस के पास पहुंची हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस और सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की है। 13 सदस्यीय टीम के मुखिया नॉर्दर्न रेंज के डीआईजी अभिषेक दुल्लर हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर 7 एफआईआर दर्ज हैं। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यह मामला उठा था, जिसके बाद सरकार ने एसआईटी का गठन करने की बात कही थी।
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