Himachal: देवभूमि में अकेले मानसून ने ही नहीं मचाया तबाही का तांडव, तुर्किये-पाकिस्तान से आया पश्चिमी विक्षोभ

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Western Disturbances from Turkey and Pakistan created havoc by juggling with monsoon

कार पर गिरा पेड़।
– फोटो : संवाद

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यूरोपीय देशों को पार कर तुर्की, ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते हिमाचल प्रदेश पहुंचे पश्चिमी विक्षोभ ने मानसून से जुगलबंदी कर यहां तबाही का तांडव रचा है। हिमाचल में अकेले मानसून ने ही यह हाहाकार नहीं मचाया है, बल्कि पश्चिम से विक्षोभ की अतिसक्रियता से देवभूमि दोहरी घिर गई। यह विक्षोभ अंध महासागर से उठता है।

उत्तरी अंध महासागर से उठी आर्द्र तूफानी हवाओं ने अपने साथ भूमध्य, कैस्पियन और कालासागर से नमी जोड़ी। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से चलने वाला मानसून इस बार हिमालय के फुटहिल तक पहुंच गया। अमूमन ऐसा नहीं होता है। तबाही के इस मंजर में सबके जहन में एक ही सवाल है कि हिमाचल प्रदेश में इस बार इतनी भारी तबाही क्यों हो रही है? 

इस बार मानसून 24 जून को हिमाचल प्रदेश पहुंचा, पर उससे पहले ही पश्चिमी विक्षोभ खूब बारिश कर रहा था। मई से ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया था। इसका कारक पश्चिमी विक्षोभ ही रहा है। पिछले कई वर्षों से मानसून से पूर्व ऐसी बारिश कभी नहीं हुई। 

इसी से अगले संकेत भी मिल गए थे। पश्चिमी विक्षोभ के यही तेवर मानसून की इस चरम अवस्था में भी बने हुए हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का जैसे डबल इंजन काम रहा है।

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