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एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री
– फोटो : संवाद
विस्तार
पैसे लेकर सेना में अपात्रों को भर्ती करवाने का झांसा देने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के तार अब राजस्थान के बाद पंजाब के जालंधर और जम्मू से भी जुड़ गए हैं। वर्ष 2022 में हुई अग्निवीर भर्तियों में भी यह गिरोह पूरी तरह से सक्रिय था। आरोपी अब तक कई अभ्यर्थियों से छोटी-छोटी रकम के तौर पर लाखों रुपये ऐंठ चुके हैं, जबकि ऑनलाइन चैटिंग के दौरान एक से तीन लाख रुपये तक के लेन-देन की बात सामने आई है। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार चुकी है। एक आरोपी को धर्मशाला में ही पुलिस ने दबोचा था, जबकि उसकी शिनाख्त के आधार पर एक अन्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
यह खुलासा प्रेसवार्ता के दौरान एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने किया। एसपी ने बताया कि अब तक पकड़े गए आरोपियों की प्रॉपर्टी, गाड़ियों और बैंक बैलेंस सहित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इस मामले में किसकी और कितनी संलिप्तता रही है, यह जांच का विषय है। इस मामले में पंजाब और जम्मू के भी आठ लोग शक के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसके तार हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और इंदौर सहित अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस गिरोह का काम भर्ती रैली स्थल पर अपात्र अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उनको सेना में भर्ती करवाना था। मामले की छानबीन में पुलिस अभी तक दूसरे चरण में ही पहुंची है। एसपी ने बताया कि इस मामले में कई शैक्षणिक और सेना में भर्ती होने की ट्रेनिंग देने वाली अकादमियां भी शक के दायरे में है। पुलिस जल्द ही शक के दायरे में आई अकादमियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाएगी। इस अवसर पर उनके साथ एएसपी हितेश लखनपाल और एएसपी बीर बहादुर भी मौजूद रहे।
यह है मामला
गौर रहे कि धर्मशाला के सिंथैटिक ट्रैक में 16 से 25 जून तक अग्निवीर भर्ती का आयोजन हुआ। इस दौरान पुलिस ने भर्ती स्थल के आसपास पंजाब निवासी एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता पर पकड़ा था। संदिग्ध व्यक्ति उम्मीदवारों से पैसे लेकर उन्हें भर्ती करवाने का झांसा दे रहा था।
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