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नगर निगम
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में नगर निगम और नगर परिषद, पंचायतों में 197 मनोनीत सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अब इनके स्थान पर कांग्रेस मनोनीत पार्षदों की तैनाती होगी। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इनकी तैनाती की गई थी। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इसकी अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार पूर्व भाजपा सरकार की ओर से 57 नगर पंचायतों, नगर परिषद व नगर निगमों में मनोनीत पार्षदों की तैनाती की गई थी। प्रदेश प्रदेश में पांच नगर निगम हैं। यह शिमला, सोलन, धर्मशाला, पालमपुर और मंडी शहर में हैं। शिमला में अभी नगर निगम के चुनाव होने हैं, जबकि धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन में बीते साल ही नगर निगम में चुनाव हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार एक्शन मोड में है। ऐसे में राज्य के निगमों, बोर्डों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, नामित सदस्यों और शहरी निकायों में नामित सदस्यों की नियुक्तियां रद्द करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद अब शहरी विकास विभाग ने इनकी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं।
कुल्लू जिले के छह नगर निकायों के 20 मनोनीत पार्षदों की सदस्यता खत्म
कुल्लू जिले के छह नगर निकायों में 20 मनोनीत पार्षदों की सदस्यता खत्म कर दी गई है। इस संबंध में बाकायदा शहरी विकास विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। नगर पंचायत भुंतर में अमन भल्ला, विजय पांडे, राजेश जंबाल, नगर परिषद मनाली में मनोज सूद, ईशा, अभिषेक अवस्थी, नीलम ठाकुर, नगर पंचायत बंजार में नेत्र प्रकाश, अनारकली, मीना गुप्ता, नगर परिषद कुल्लू में राजेंद्र सूद, लोकेश कौंडल, अरुण कंबोज, ममता बाधवा, नगर पंचायत आनी में विनोद चंदेल, स्वतंत्र कुमार, युवराज ठाकुर, नगर पंचायत निरमंड में तेज प्रकाश, विक्रांत भारद्वाज, दिवाकर शर्मा पूर्व सरकार में मनोनीत पार्षद बने थे। नई सरकार के गठन के बाद अब इन मनोनीत पार्षदों की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। अब नए पार्षदों की नियुक्तियां की जाएंगी। हालांकि इसके लिए सभी नगर निकायों की ओर से थोड़ा समय लिया जाएगा। इस संबंध में नगर परिषद कुल्लू के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि सरकार की ओर से मनोनीत पार्षदों की सदस्यता रद्द कर दी गई है।
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