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क्लस्टर स्कूल के दिशा-निर्देश जारी
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में संसाधनों को साझा कर और समग्र गतिविधियों के जरिये गुणात्मक शिक्षा में सुधार के लिए क्लस्टर स्कूल बनाने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बुधवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 31 दिसंबर तक इस बाबत जानकारी देने को कहा है। उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही जिलों के उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मासिक आधार पर इन दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूल इनका पालन करें। उच्च शिक्षा निदेशक सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूल क्लस्टर को रैंक देने और पुरस्कृत करने के लिए एक प्रणाली भी विकसित करेंगे।
सरकार का मानना है कि एक ही परिसर में स्थित और आसपास स्थित स्कूलों के बीच अभिसरण का अभाव है, इसलिए उपलब्ध संसाधनों का कम या उपयोग ही नहीं होता। इसलिए मामले की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि एक ही परिसर या आसपास(300 मीटर से कम दूरी के भीतर स्थित) और एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर मौजूद प्राथमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को स्कूल क्लस्टर के रूप में जाना जाएगा। राज्य में 1984 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, 960 उच्च व 1885 मिडल स्कूल हैं। प्राइमरी स्कूलों की संख्या 10,300 है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार घोषित क्लस्टर स्कूल तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देंगे।
ये हैं स्कूल क्लस्टर
राज्य के ऐसे सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च व मिडल स्कूल, जिनके पास एक ही परिसर में प्राथमिक स्कूल चल रहा है। साथ ही संबंधित 500 मीटर की पैदल दूरी के भीतर स्थित प्राथमिक स्कूल भी इसमें शामिल हैं। क्लस्टर स्कूलों के प्रिंसिपल, हेडमास्टर दिन-प्रतिदिन के समन्वय के लिए स्कूल क्लस्टर के प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे।
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