Himachal: 14 स्कूलों में शुरू होगा हब एंड स्पोक मॉडल, व्यावसायिक विषय की पढ़ाई करने में होगी आसानी

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Hub and Spoke Model in 14 government schools of himachal Pradesh

फाइल फोटो
– फोटो : संवाद

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प्रदेशभर के 14 अतिरिक्त स्कूलों में हब एंड स्पोक मॉडल शुरू होगा। इससे विद्यार्थियों को व्यावसायिक विषय की पढ़ाई करने में आसानी होगी। प्रदेशभर में हब एंड स्पोक मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने के लिए आने और जाने की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वहीं, शिक्षकों को भी राहत मिलेगी।  वर्तमान में प्रदेशभर के 1154 स्कूलों में व्यावसायिक विषयों की शिक्षा प्रदान की जा रही है। 

इनमें से 43 स्कूलों को हब एंड स्पोक मॉडल बनाया गया है। इन स्कूलों में व्यावसायिक विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक और लैब सहित आधुनिक उपकरणों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्कूलों में नजदीक स्थित उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थी भी व्यावसायिक विषय की पढ़ाई करने आते हैं और हब स्कूल में कार्यरत शिक्षक स्पोक स्कूल में जाकर विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाता है। स्पोक स्कूल के विद्यार्थियों को हब स्कूल के अनुसार ही विषय पढ़ना पड़ता है और हब स्कूल में आकर ही प्रैक्टिकल परीक्षाएं देनी पड़ती हैं।

स्पोक स्कूलों के विद्यार्थियों को समग्र शिक्षा के तहत वार्षिक परिवहन भत्ता प्रदान किया जाता है, ताकि विद्यार्थी को हब स्कूलों में आने-जाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेशभर से हब एंड स्पोक मॉडल स्कूलों लिए चंबा से दो, कुल्लू से दो, किन्नौर से एक, मंडी से तीन, सिरमौर से दो और ऊना जिले से चार स्कूलों का चयन हुआ है। शीघ्र ही इन स्कूलों में विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू होंगी।

हब स्कूलः ऐसे स्कूल जिनमें व्यावसायिक कोर्स विषय पहले से संचालित हैं और स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाने के लिए शिक्षक और आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। ऐसे स्कूलों को हब एंड स्पोक मॉडल नाम दिया गया है। इन स्कूलों में व्यावसायिक विषय पढ़ने के लिए नजदीकी स्कूलों के विद्यार्थी भी आते हैं। 

स्पोक स्कूल : जिनमें व्यवसायिक कोर्स विषय पहले से संचालित हैं लेकिन विद्यार्थियों की संख्या कम और शिक्षक का पद रिक्त है। ऐसे में इन स्कूलों के विद्यार्थियों को नजदीक के हब स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स विषय की पढ़ाई करवाई जाती है।

प्रदेशभर के 43 स्कूलों में हब एंड स्पोक मॉडल पहले से संचालित हैं। 14 अतिरिक्त स्कूलों का चयन हब एंड स्पोक मॉडल के जरिये किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आधुनिक सुविधाएं मिल सके। वहीं, हब स्कूलों में स्पोक मॉडल स्कूलों के विद्यार्थी प्रैक्टिकल की पढ़ाई करने आते हैं, जिन्हें वार्षिक भत्ता प्रदान किया जाता है। – दिनेश स्टेटा, प्रदेश नोडल अधिकारी, व्यावसायिक कोर्स

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