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नोटा
– फोटो : सोशल मीडिया
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रंग बदलती सियासत में राष्ट्रीय दलों और उनके प्रत्याशियों से प्रदेश के मतदाताओं का मोहभंग भी होता दिख रहा है। ऐसे मतदाताओं की तादाद हजारों में है, जो वोट डालने पोलिंग बूथों तक पहुंचे लेकिन उन्हें कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया। मतदाताओं ने नोटा यानी नन ऑफ द एबव का बटन दबाकर अपना संदेश चुनाव आयोग तक पहुंचाया। प्रदेश में हालिया दो विधानसभा चुनावों में 63,726 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। लोकसभा के एक उपचुनाव और दो चुनावों में किसी भी प्रत्याशी को वोट न देकर नोटा दबाकर अविश्वास जताने वाले मतदाताओं की संख्या 74,789 रही। 2022 के विधानसभा चुनाव में नोटा का बटन दबाने वाले मतदाताओं का आंकड़ा 30 हजार के करीब रहा। इससे पहले 2017 में 34 हजार से अधिक मतदाताओं ने नोटा दबाकर अपनी नापसंद जाहिर की।
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