Himachal Election Result: पहाड़ पर नहीं चला झाड़ू का जादू, आप के सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त

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आम आदमी पार्टी

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– फोटो : सोशल मीडिया

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) अपने प्रत्याशियों की जमानत नहीं बचा पाई है। आप की ओर से 67 विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारे गए थे, लेकिन इनमें से कोई भी प्रत्याशी ज्यादा वोट नहीं ले पाए हैं। देश की सबसे युवा प्रधान रही जबना कुमारी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाई हैं। रूमित की देवभूमि पार्टी को भी विधानसभा चुनाव में निराशा हाथ लगी है। इनके अधिकांश प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए।

पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद हिमाचल में आम आदमी पार्टी ने कदम रखा था। शुरुआती दौर पर आम आदमी पार्टी के हजारों लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद पार्टी में कलह मचने से कार्यकर्ताओं ने दूरियां बनानी शुरू कर दीं। दूसरे, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिमाचल के मुकाबले गुजरात में ज्यादा ध्यान दिया। भाजपा और कांग्रेस पार्टी से आम आदमी पार्टी में शामिल हुए नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है। डॉ. सुशांत भाजपा से चार बार विधायक रहे हैं। धूमल सरकार में राजस्व मंत्री थे। सुशांत वर्ष 1982 में सबसे कम उम्र के विधायक बने थे। 2009 में कांगड़ा – चंबा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

उनकी भी जमानत जब्त हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और युकां के राष्ट्रीय महासचिव रहे मनीष ठाकुर मार्च 2022 में आप में शामिल हुए हैं। आप ने उन्हें पांवटा साहिब सीट से प्रत्याशी बनाया है। उन्हें भी हार का मुंह देखना पड़ा है। नगरोटा बगवां सीट से आप प्रत्याशी उमाकांत डोगरा 2012 में भाजपा के साथ थे। 2017 में भाजपा से टिकट न मिलने पर वर्ष 2018 में उन्होंने आप का दामन थामा था, उनकी भी जमानत जब्त हो गई। 

आप के इन प्रत्याशियों की हुई जमानत जब्त
विधानसभा क्षेत्र आनी – इंद्रपाल, अर्की – जीत राम, बैजनाथ – प्रमोद चंद, बल्ह – तारा चंद, बंजार – नीरज सैणी, बड़सर-गुलशन, भरमौर – प्रकाश चंद, भटियात – नरेश कुमार, भोरंज – रजनी कौशल, बिलासपुर – अमर सिंह, चंबा – शशिकांत, चिंतपूर्णी – रामपाल, चौपाल – उदय सिंगटा, चुराह – नंद कुमार, धर्मपुर-राकेश, धर्मशाला-कुलवंत सिंह, दून – सवर्ण सिंह, फतेहपुर – राजन सुशांत, गगरेट – मनोहर लाल, घुमारवीं – राकेश, हमीरपुर-सुशील सरोच, हरोली – रविंद्र पाल, इंदौरा-जगदीश, जयसिंहपुर – संतोष कुमार, जसवां परागपुर – साहिल चौहान, ज्वालामुखी-होशियार सिंह, जवाली – बलदेव राज, झंडूता – सुधीर कुमार, जोगिंद्रनगर-रविंद्र पाल, जुब्बल कोटखाई – श्रीकांत चौहान, कांगड़ा – राज कुमार, करसोग – भगवंत सिंह, कसौली-हरमेल सिंह, कसुम्पटी – राजेश चानना, किन्नौर – तरसेम सिंह, कु्ल्लू – शेर सिंह, कुटलैहड़ – अनिल कुमार, लाहौल स्पीति – सुदर्शन जस्पा, मनाली – अनुराग, मंडी-श्याम लाल, नाचन-जबना कुमारी, नादौन – शैंकी ठुकराल, नगरोटा – उमादत्त, नाहन – सुनील, नालागढ़ – धर्मपाल, नूरपुर – मनीषा कुमारी, पच्छाद – अजय सिंह, पालमपुर – संजय भारद्वाज, पांवटा – मनीष ठाकुर, रामपुर – उदय सिंह, रोहडू – अश्वनी कुमार, सरकाघाट – धमेश्वर, सराज – गीतानंद, शाहपुर – अभिषेक, शिलाई – नत्थूराम, शिमला – चमन राकेश, शिमला शहरी-प्रेम कुमार, सोलन – अंजू, नयनादेवी – नरेंद्र सिंह, रेणुका जी – राम कृष्ण, सुजानपुर – अनिल राणा, सुलह – रविंद्र सिंह, सुंदरनगर – पूजा वर्मा, ठियोग – अतर सिंह और ऊना में राजीव गौतम की जमानत जब्त हुई है।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) अपने प्रत्याशियों की जमानत नहीं बचा पाई है। आप की ओर से 67 विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारे गए थे, लेकिन इनमें से कोई भी प्रत्याशी ज्यादा वोट नहीं ले पाए हैं। देश की सबसे युवा प्रधान रही जबना कुमारी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाई हैं। रूमित की देवभूमि पार्टी को भी विधानसभा चुनाव में निराशा हाथ लगी है। इनके अधिकांश प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए।

पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद हिमाचल में आम आदमी पार्टी ने कदम रखा था। शुरुआती दौर पर आम आदमी पार्टी के हजारों लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद पार्टी में कलह मचने से कार्यकर्ताओं ने दूरियां बनानी शुरू कर दीं। दूसरे, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हिमाचल के मुकाबले गुजरात में ज्यादा ध्यान दिया। भाजपा और कांग्रेस पार्टी से आम आदमी पार्टी में शामिल हुए नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है। डॉ. सुशांत भाजपा से चार बार विधायक रहे हैं। धूमल सरकार में राजस्व मंत्री थे। सुशांत वर्ष 1982 में सबसे कम उम्र के विधायक बने थे। 2009 में कांगड़ा – चंबा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

उनकी भी जमानत जब्त हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और युकां के राष्ट्रीय महासचिव रहे मनीष ठाकुर मार्च 2022 में आप में शामिल हुए हैं। आप ने उन्हें पांवटा साहिब सीट से प्रत्याशी बनाया है। उन्हें भी हार का मुंह देखना पड़ा है। नगरोटा बगवां सीट से आप प्रत्याशी उमाकांत डोगरा 2012 में भाजपा के साथ थे। 2017 में भाजपा से टिकट न मिलने पर वर्ष 2018 में उन्होंने आप का दामन थामा था, उनकी भी जमानत जब्त हो गई। 

आप के इन प्रत्याशियों की हुई जमानत जब्त

विधानसभा क्षेत्र आनी – इंद्रपाल, अर्की – जीत राम, बैजनाथ – प्रमोद चंद, बल्ह – तारा चंद, बंजार – नीरज सैणी, बड़सर-गुलशन, भरमौर – प्रकाश चंद, भटियात – नरेश कुमार, भोरंज – रजनी कौशल, बिलासपुर – अमर सिंह, चंबा – शशिकांत, चिंतपूर्णी – रामपाल, चौपाल – उदय सिंगटा, चुराह – नंद कुमार, धर्मपुर-राकेश, धर्मशाला-कुलवंत सिंह, दून – सवर्ण सिंह, फतेहपुर – राजन सुशांत, गगरेट – मनोहर लाल, घुमारवीं – राकेश, हमीरपुर-सुशील सरोच, हरोली – रविंद्र पाल, इंदौरा-जगदीश, जयसिंहपुर – संतोष कुमार, जसवां परागपुर – साहिल चौहान, ज्वालामुखी-होशियार सिंह, जवाली – बलदेव राज, झंडूता – सुधीर कुमार, जोगिंद्रनगर-रविंद्र पाल, जुब्बल कोटखाई – श्रीकांत चौहान, कांगड़ा – राज कुमार, करसोग – भगवंत सिंह, कसौली-हरमेल सिंह, कसुम्पटी – राजेश चानना, किन्नौर – तरसेम सिंह, कु्ल्लू – शेर सिंह, कुटलैहड़ – अनिल कुमार, लाहौल स्पीति – सुदर्शन जस्पा, मनाली – अनुराग, मंडी-श्याम लाल, नाचन-जबना कुमारी, नादौन – शैंकी ठुकराल, नगरोटा – उमादत्त, नाहन – सुनील, नालागढ़ – धर्मपाल, नूरपुर – मनीषा कुमारी, पच्छाद – अजय सिंह, पालमपुर – संजय भारद्वाज, पांवटा – मनीष ठाकुर, रामपुर – उदय सिंह, रोहडू – अश्वनी कुमार, सरकाघाट – धमेश्वर, सराज – गीतानंद, शाहपुर – अभिषेक, शिलाई – नत्थूराम, शिमला – चमन राकेश, शिमला शहरी-प्रेम कुमार, सोलन – अंजू, नयनादेवी – नरेंद्र सिंह, रेणुका जी – राम कृष्ण, सुजानपुर – अनिल राणा, सुलह – रविंद्र सिंह, सुंदरनगर – पूजा वर्मा, ठियोग – अतर सिंह और ऊना में राजीव गौतम की जमानत जब्त हुई है।



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