[ad_1]

वीरेंद्र कंवर, देवेंद्र कुमार भुट्टो।
– फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
विस्तार
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में 32 साल बाद कांग्रेस का खाता खुल गया है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र कुमार भुट्टो ने चार बार के विधायक और मौजूदा मंत्री वीरेंद्र कंवर को हराकर इतिहास रचा है। भाजपा के गढ़ कुटलैहड़ में एकजुटता के साथ कांग्रेस ने सेंध लगाई है। 1985 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामनाथ शर्मा को जीत मिली थी। इसके बाद लगातार भाजपा ने यहां जीत दर्ज की।
2003 के विधानसभा चुनाव से लगातार वीरेंद्र कंवर जीत रहे थे। बीते 12 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मात्र दो बार ही जीत दर्ज कर पाई थी। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र कुमार भुट्टो की यह जीत अहम मानी जा रही है। कुटलैहड़ में कांग्रेस से टिकट के दावेदार अधिक होने के कारण यहां जीत की कम संभावना रहती थी, लेकिन इस बार सभी दावेदारों ने एक मंच पर आकर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए संकल्प लिया।
मौजूदा मंत्री और पांचवीं बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे वीरेंद्र कंवर पर एंटी इनकंबेंसी भी भारी साबित हुई है। मंत्री विकास के बलबूते अपनी जीत को लेकर आश्वस्त रहे, जबकि कांग्रेस ने यहां बेरोजगारी, महंगाई, पेयजल समेत अन्य ज्वलंत समस्याओं को मुद्दा बनाते हुए भाजपा प्रत्याशी को हार का स्वाद चखाया। इस जीत के साथ कांग्रेस को कुटलैहड़ में संजीवनी मिली है। पहली ही बार विधानसभा चुनाव में उतरे देवेंद्र कुमार भुट्टो ने जीत दर्ज करते हुए रिकॉर्ड बना दिया है।
[ad_2]
Source link