Himachal New Govt: सीएम सुखविंद्र सुक्खू बोले- विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद होगा मंत्रिमंडल गठन

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के नए मंत्रिमंडल का गठन विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया। इससे उन्होंने संकेत दिए हैं कि उन्हें मंत्रिमंडल गठन करने की जल्दी नहीं है। सुक्खू बार-बार इस बात को स्पष्ट कर रहे हैं कि हाईकमान से चर्चा के बाद ही इस पर फैसला होगा। हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों के शपथ लेने के छह दिन बाद भी मंत्रिमंडल तय नहीं हो पाया है। शीत सत्र धर्मशाला के तपोवन में 22 से 24 दिसंबर के बीच हो सकता है। पर्यटन सीजन के चलते और विधायकों को शपथ दिलाने की अनिवार्यता के चलते इसे जल्दी करवाने की तैयारी है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने इसे 28, 29 और 30 दिसंबर को करवाने की संभावना जताई थी। या इसे 15 जनवरी के बाद करवाने की बात कही थी, लेकिन अब इसे 22 दिसंबर से करवाने की तैयारी है। 

विक्रमादित्य का मंत्री बनना तय, सुक्खू ने स्पष्ट की स्थिति  
शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह का मंत्री बनना तय हो गया है। उन पर खुद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सुक्खू ने नई दिल्ली में कहा कि विक्रमादित्य कैबिनेट में होंगे। उन्होंने मीडिया के सवाल पर कहा कि वह कैबिनेट में क्यों नहीं होंगे। सुक्खू ने कहा कि पहली कैबिनेट में ही कांग्रेस अपनी गारंटियों को लागू करेगी। 

अटल टनल का न नाम बदलेगा न पट्टिका हटेगी : सुक्खू 
सुक्खू ने कहा कि अटल टनल का न नाम बदलेगा और न किसी की पट्टिका हटेगी। इस सुरंग का नाम रोहतांग सुरंग था। भाजपा सरकार ने इसका नामकरण अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से किया। वह भी देश के प्रधानमंत्री थे। हम उनका भी सम्मान करते थे। भाजपा नेतृत्व को उन लोगों की भी गरिमा रखनी चाहिए, जिन्होंने इसका शिलान्यास किया था। सोनिया गांधी यूपीए की चेयरपर्सन थीं। एके एंटनी रक्षा मंत्री थे। डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। सरकार प्रेम कुमार धूमल की थी। जब शिलान्यास किया तो उनके नाम की पट्टिका उतारकर छिपा दी गई। हम शिलान्यास की पट्टिका को दोबारा वहां स्थापित करेंगे।

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हिमाचल प्रदेश के नए मंत्रिमंडल का गठन विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया। इससे उन्होंने संकेत दिए हैं कि उन्हें मंत्रिमंडल गठन करने की जल्दी नहीं है। सुक्खू बार-बार इस बात को स्पष्ट कर रहे हैं कि हाईकमान से चर्चा के बाद ही इस पर फैसला होगा। हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों के शपथ लेने के छह दिन बाद भी मंत्रिमंडल तय नहीं हो पाया है। शीत सत्र धर्मशाला के तपोवन में 22 से 24 दिसंबर के बीच हो सकता है। पर्यटन सीजन के चलते और विधायकों को शपथ दिलाने की अनिवार्यता के चलते इसे जल्दी करवाने की तैयारी है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने इसे 28, 29 और 30 दिसंबर को करवाने की संभावना जताई थी। या इसे 15 जनवरी के बाद करवाने की बात कही थी, लेकिन अब इसे 22 दिसंबर से करवाने की तैयारी है। 

विक्रमादित्य का मंत्री बनना तय, सुक्खू ने स्पष्ट की स्थिति  

शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह का मंत्री बनना तय हो गया है। उन पर खुद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सुक्खू ने नई दिल्ली में कहा कि विक्रमादित्य कैबिनेट में होंगे। उन्होंने मीडिया के सवाल पर कहा कि वह कैबिनेट में क्यों नहीं होंगे। सुक्खू ने कहा कि पहली कैबिनेट में ही कांग्रेस अपनी गारंटियों को लागू करेगी। 

अटल टनल का न नाम बदलेगा न पट्टिका हटेगी : सुक्खू 

सुक्खू ने कहा कि अटल टनल का न नाम बदलेगा और न किसी की पट्टिका हटेगी। इस सुरंग का नाम रोहतांग सुरंग था। भाजपा सरकार ने इसका नामकरण अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से किया। वह भी देश के प्रधानमंत्री थे। हम उनका भी सम्मान करते थे। भाजपा नेतृत्व को उन लोगों की भी गरिमा रखनी चाहिए, जिन्होंने इसका शिलान्यास किया था। सोनिया गांधी यूपीए की चेयरपर्सन थीं। एके एंटनी रक्षा मंत्री थे। डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। सरकार प्रेम कुमार धूमल की थी। जब शिलान्यास किया तो उनके नाम की पट्टिका उतारकर छिपा दी गई। हम शिलान्यास की पट्टिका को दोबारा वहां स्थापित करेंगे।



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