[ad_1]

ऊना में नकली दवा बनाने और बेचने के धंधे का भंडाफोड़
– फोटो : संवाद
विस्तार
पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर बसोली गांव में नकली दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। आरोपी फैक्ट्री में लंबे समय से सिर दर्द, बुखार, एलर्जी, बीपी, मधुमेह, हार्ट समेत अन्य गंभीर बीमारियों की नकली दवाएं तैयार कर रहा था और लोगों को बाजार से आधे दाम पर बेचता था। हालांकि, पुलिस के आने की सूचना से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की पत्नी और बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
जबकि आरोपी बलराम सिंह चौहान को पकड़ने के लिए अलग-अलग जगह दबिश दी जा रही है। पुलिस ने शुक्रवार सुबह बसोली गांव में नकली दवाएं बनाने की फैक्ट्री में दबिश दी। हालांकि, आरोपी मौके पर नहीं मिला। गांव के पास ही पुलिस को झाड़ियों में दवाओं के जले रैपर भी मिले हैं। वहीं, चार से पांच जगहों पर जलाई दवाइयां मिली हैं। पुलिस ने ब्रांडेड दवा कंपनियों के नाम से छपे रैपर के रोल भी बरामद किए हैं। इन्हीं कंपनियों के लेवल लगाकर आरोपी दवाइयां बेचता था।
दवा तैयार करने से जुड़े उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं।आरोपी से पुलिस और अन्यों से बचने के लिए मदनपुर बसोली में ही एक दुकान नुमा कमरा और एक अंडरग्राउंड टंकी तैयार की थी। आरोपी बसोली में करीब 25 साल से रह रहा था और मूलरूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को बताता था कि वह कैरी बैग तैयार करता है, लेकिन कम समय में अच्छी खासी संपत्ति बनाने के कारण वह क्षेत्र में लोगों की चर्चा में रहता था।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौके से कुछ दवाएं बरामद हुई हैं। आरोपी ने काफी मात्रा में दवाएं जलाई भी हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपी के पकड़ में आने के बाद ही पता चलेगा कि वह नकली दवाइयों की बिक्री किस तरह से करता था। लाेगों की सेहत से खिलवाड़ करने के धंधे में उसके साथ और कौन लोग शामिल हैं, इसको लेकर भी जांच की जाएगी। -संजीव भाटिया, एएसपी
[ad_2]
Source link