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क्रिप्टो करेंसी ठगी।
– फोटो : संवाद
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क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी मामले में पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की संपत्ति, बैंक खातों की डिटेल के बाद रिश्तेदारों और सगे संबंधियों की संपत्तियों की भी जानकारी मांगी जा रही है। इसके अलावा राजस्व रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। इन आरोपियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों और एजेंटों से भी पूछताछ चल रही है। शिकायतकर्ता पैसा लौटाने की गुहार लगा रहे हैं।पुलिस की एसआईटी ने आरोपियों का रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। आरोपियों के मोबाइल नंबर, सिम, पैन ड्राइव, हार्ड डिस्क की पड़ताल कर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है। इन आरोपियों की कहां कहां बात होती थी, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों की लगातार एजेंटों से बात होती रही है। इन एजेंटों को गांव और शहरों में जाकर लोगों को पैसा निवेश करने को कहना जाता था। एक साल में पैसा डबल किए जाने का झांसा दिया जाता था। इसके अलावा इनकी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बात होती रही है। एसआईटी यह घोटाला एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का मानकर रही है। उल्लेखनीय है कि एसआईटी ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी सुभाष पुलिस की पकड़ से बाहर है। हिमाचल और पंजाब पुलिस को सुभाष की तलाश है।
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