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क्रिसमस पर जहां मनाली में पर्यटकों की संख्या दोगुना हो गई है, वहीं कुल्लू मनाली-घूमने आए सैकड़ों पर्यटक बर्फ के दीदार के लिए लाहौल की ठंडी फिजाओं में भी पहुंच गए हैं। लाहौल के स्नो प्वाइंटों पर सैलानियों की चहल-पहल से रौनक बढ़ गई है। चंद्रा घाटी के दालंग और यांगला में रविवार को पर्यटकों ने स्कीइंग, ट्यूब स्लाइडिंग का लुत्फ उठाया।
बर्फ की मोटी चादर पर साहसिक गतिविधियों को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह रहा। पर्यटकों ने सिस्सू की शिती नाला की वादियों में भी साहसिक खेलों का आनंद लिया। यांगला निवासी प्रदीप और गोंधला पंचायत के पूर्व प्रधान प्रेमलाल ने कहा कि यांगला में दिसंबर के आखिरी सप्ताह से फरवरी के मध्य तक धूप की एक किरण नहीं पड़ती है।
यहां डेढ़ महीना पहले बर्फबारी हुई है। बर्फ अब तक नहीं पिघली है। इस साल दिसंबर का महीना लगभग सूखा ही रहा, लेकिन यांगला में बर्फ की मोटी चादर का फायदा स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को मिल रहा है। गोंधला पंचायत के प्रधान सूरज ठाकुर ने कहा कि अटल टनल के बाद अब चंद्रा घाटी के गोंधला में भी विंटर टूरिज्म बढ़ने से युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
रविवार को काफी अधिक संख्या में पर्यटकों ने साहसिक गतिविधियों का आनंद उठाया। उन्होंने कहा कि यहां सबसे लंबी ट्यूब स्लाइडिंग करवाई जा रही है। क्रिसमस के बाद रविवार को भी सैकड़ों पर्यटक अटल टनल रोहतांग लाहौल पहुंचे। क्रिसमस पर पर्यटकों में इजाफा होने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं।
त्रिलोकनाथ पुल के समीप चिनाब नदी की धारा में बना कुदरती चादर ट्रैक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। त्रिलोकनाथ की ओर आवाजाही करने वाला हर कोई पर्यटक रुक कर इस बेेहद खूबसूरत नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर रहा है। पर्यटक अटल टनल रोहतांग के नार्थ पोर्टल, कोकसर, तांदी पुल को पीछे छोड़ त्रिलोकनाथ पहुंच कर भगवान त्रिलोकीनाथ के दर्शन कर रहे हैं। अवकाश और क्रिसमस के मौके पर यहां पर्यटकों ने बर्फ में खूब मस्ती की। वहीं, पर्यटकों के उदयपुर खासकर त्रिलोकनाथ में आवागमन से स्थानीय कारोबारी भी खासे उत्साहित हैं। गौरतलब है कि त्रिलोकनाथ पुल के समीप चिनाब की धारा में बने कुदरती चादर ट्रैक पर्यटकों के लिए एक यादगार पल संजो रहा है। यहां रात्रि तापमान -7 डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहा है। ठंड में चिनाब का पानी बर्फ में तब्दील हो गया है।
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