Himachal News: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले- चीन को रोकने के लिए नौतोड़ को मंजूरी जरूरी

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Revenue Minister Jagat Singh Negi Statement on Nautor land Approval in State

राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी।
– फोटो : अमर उजाला

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राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य के जनजातीय क्षेत्र में लोगों को नौतोड़ जमीन देने को लेकर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से संविधान के अनुछेद 5 के तहत शक्तियों का प्रयोग करने की सिफारिश की है। चीन जिस प्रकार से देश के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में कब्जे कर रहा है, उसे रोकने के लिए यह फैसला लेना बहुत जरूरी है। राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मंत्री ने कहा कि यदि सीमा के इलाके खाली छोड़े जाएंगे तो नार्थ ईस्ट और लद्दाख की तरह चीन बहुत से खाली इलाकों में लगातार कब्जा करना शुरू कर देगा।

इस मामले से केंद्र सरकार भी अवगत है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) 1980 में संशोधन किया। इससे सीमा के 100 किलोमीटर क्षेत्र में लोगों को बसाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मामले में इस तरह के संशोधन की आवश्यकता नहीं है। संविधान में जनजातीय क्षेत्र में कानून बनाने व बने हुए कानून में संशोधन करने या उसे निलंबित करना राज्यपाल के क्षेत्राधिकार में आता है। इसके तहत राज्यपाल नौतोड़ देने के लिए एफसीए में छूट दे सकते हैं।

मंत्री ने बताया कि जनजातीय सलाहकार परिषद ने भी राज्यपाल से सिफारिश करते हुए कहा है कि नौतोड़ जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार का साधन बन सकता है। यदि लोगों को यह भूमि दी जाए तो वह इस पर बगीचे लगा सकते हैं। इससे उनको आय भी होगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस मामले में चार बार राज्यपाल से मिल चुके हैं। वह राज्यपाल से पांगी, भरमौर व लाहौल-स्पीति के विधायकों के साथ मिले हैं। लोगों को उम्मीद थी कि दिवाली पर जनजातीय क्षेत्र के लोगों को तोहफा मिलेगा, लेकिन अभी तक राज्यपाल ने मंजूरी नहीं दी है।

निशानदेही, तकसीम के लंबित मामले निपटाने को चलेगा विशेष अभियान

मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में इंतकाल अदालतें सफल रही हैं। 41,000 लंबित मामलों में से दो दिन में 30,000 मामले निपटाए गए और अब शेष 10,000 मामले लंबित हैं। इनको निपटाने के लिए अगले माह इंतकाल अदालतों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद निशानदेही व तकसीम के लंबित मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

वर्तमान में निशानदेही के करीब 23,000 मामले लंबित हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार ने मंडी, कुल्लू व बिलासपुर जिला में उन आपदा प्रभावित लोगों को 3-3 लाख की पहली किस्त जारी कर दी है, जिनके मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। अब अन्य जिलों में भी संबंधित उपायुक्तों को 3-3 लाख देने के निर्देश दे दिए गए हैं, जिसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है।

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