Himachal News: विधानसभा का शीत सत्र तपोवन में कल से, दो दिन हंगामेदार रहने के आसार

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धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन।

धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा भवन।
– फोटो : संवाद

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हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का शीत सत्र बुधवार से धर्मशाला के तपोवन में शुरू होने जा रहा है। यह सत्र तीन दिन का होगा। इस संक्षिप्त सत्र के दो दिन हंगामेदार रहने के आसार हैं। मुख्यमंत्री सुखविद्र सिंह सुक्खू सरकार का यह पहला सत्र होगा। इस सत्र में विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। यह शपथ प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार दिलाएंगे। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का चयन होगा। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का अभिभाषण होगा जिस पर विधायक चर्चा करेंगे।

विधानसभा सचिव की ओर से जारी अस्थायी सूची के अनुसार पहले दिन चार जनवरी को सत्र का आरंभ 11 बजे  होगा और चौदहवीं विधानसभा के लिए चुने गए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही पहले दिन की कार्यवाही को आगे अगले दिन के लिए स्थगित किया जाएगा। पांच जनवरी को दूसरे दिन 11 बजे पहले विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए सदस्यों का चुनाव होगा। उसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। शोकोद्गार और अन्य शासकीय और विधायी कार्य होंगे। छह जनवरी शुक्रवार को पहले शासकीय और विधायी कार्य होंगे। उसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण, चर्चा और पारण होगा।

पहली बार बगैर कैबिनेट के चलेगा सत्र, सीएम के साथ डिप्टी सीएम भी बैठेंगे
प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि बगैर कैबिनेट के सत्र चलेगा। मुख्यमंत्री के साथ सदन में उप मुख्यमंत्री भी बैठेंगे। हालांकि यह अलग बात है कि वैधानिक तौर पर उप मुख्यमंत्री को मंत्री के रूप में भी माना जा रहा है। 

दूसरे दिन अभिभाषण पर ही गरमा सकता है सदन
सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान और इसके बाद विधानसभा का शीत सत्र तपोवन को गरमा सकता है। विपक्ष में बैठी भाजपा राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी गतिरोध पैदा कर सकती है। प्रदेश में सैकड़ों संस्थानों को डिनोटिफाई करने, सीमेंट उद्योगों का बंद होने, मंत्रिमंडल का गठन नहीं कर पाने, ओपीएस पर जनता से किया वादा दस दिन में पूरा नहीं करने जैसे मुद्दों पर विपक्ष सत्ता पक्ष को निशाने पर ले सकता है।

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हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का शीत सत्र बुधवार से धर्मशाला के तपोवन में शुरू होने जा रहा है। यह सत्र तीन दिन का होगा। इस संक्षिप्त सत्र के दो दिन हंगामेदार रहने के आसार हैं। मुख्यमंत्री सुखविद्र सिंह सुक्खू सरकार का यह पहला सत्र होगा। इस सत्र में विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। यह शपथ प्रोटेम स्पीकर चंद्र कुमार दिलाएंगे। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का चयन होगा। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का अभिभाषण होगा जिस पर विधायक चर्चा करेंगे।

विधानसभा सचिव की ओर से जारी अस्थायी सूची के अनुसार पहले दिन चार जनवरी को सत्र का आरंभ 11 बजे  होगा और चौदहवीं विधानसभा के लिए चुने गए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही पहले दिन की कार्यवाही को आगे अगले दिन के लिए स्थगित किया जाएगा। पांच जनवरी को दूसरे दिन 11 बजे पहले विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए सदस्यों का चुनाव होगा। उसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। शोकोद्गार और अन्य शासकीय और विधायी कार्य होंगे। छह जनवरी शुक्रवार को पहले शासकीय और विधायी कार्य होंगे। उसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण, चर्चा और पारण होगा।

पहली बार बगैर कैबिनेट के चलेगा सत्र, सीएम के साथ डिप्टी सीएम भी बैठेंगे

प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि बगैर कैबिनेट के सत्र चलेगा। मुख्यमंत्री के साथ सदन में उप मुख्यमंत्री भी बैठेंगे। हालांकि यह अलग बात है कि वैधानिक तौर पर उप मुख्यमंत्री को मंत्री के रूप में भी माना जा रहा है। 

दूसरे दिन अभिभाषण पर ही गरमा सकता है सदन

सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान और इसके बाद विधानसभा का शीत सत्र तपोवन को गरमा सकता है। विपक्ष में बैठी भाजपा राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी गतिरोध पैदा कर सकती है। प्रदेश में सैकड़ों संस्थानों को डिनोटिफाई करने, सीमेंट उद्योगों का बंद होने, मंत्रिमंडल का गठन नहीं कर पाने, ओपीएस पर जनता से किया वादा दस दिन में पूरा नहीं करने जैसे मुद्दों पर विपक्ष सत्ता पक्ष को निशाने पर ले सकता है।



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