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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जुलाई 2023 से प्रदेश सरकार हिम परिवार परियोजना शुरू करेगी। इसके तहत प्रदेश के परिवारों को एक विशिष्ट पहचान दी जाएगी। परियोजना के माध्यम से विशिष्ट पहचान वाले परिवार के राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, विद्युत, पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। हिम परियोजनाओं से जुड़े लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सुगमता से मिलेगी और इस तरह लक्षित वर्गों तक योजनाओं के लाभ शीघ्र पहुंचेंगे।
शुक्रवार को पंजाब के मोहाली स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में गवर्नेंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिम डाटा पोर्टल का शुभारंभ भी किया। कहा कि विकास के लिए दिशा निर्धारण सबसे महत्वपूर्ण कारक है। सरकार बेहतर शासन के लिए बेहतर प्रशासन के लक्ष्य के साथ विकास की दिशा निर्धारित करने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश के जन-जन को सुखी और समृद्ध बनाना सरकार का लक्ष्य है और इसके लिए उचित स्तर पर सही डाटा होना आवश्यक है। सरकार ने अपने पहले ही बजट में अत्याधुनिक डाटा संकलन एवं अनुसंधान तकनीक अपनाने पर बल दिया।
कहा कि आगामी 10 वर्षों में हिमाचल को देश का समृद्ध राज्य बनाया जाएगा। इस दिशा में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग हिमाचल प्रदेश के नीति निर्धारण में सहायक रहेगा। सरकार के प्रयास शीघ्र सकारात्मक परिवर्तन के रूप में सामने आएंगे। सुक्खू ने कहा कि नॉलेज पार्टनर के रूप में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस हिमाचल डाटा पोर्टल को और लाभदायक एवं उपयोगी बनाने में सहयोग करेगा। इससे प्रदेश के 72 लाख लोगों के जीवन में आशातीत परिवर्तन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार तथा इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, वन तथा शासन के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे।
हिमाचल प्रदेश को बनाएंगे ग्रीन प्रदेश
सुक्खू ने कहा कि 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को ग्रीन प्रदेश बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने बजट में प्रावधान रखे हैं। वह हर वर्ष एक हजार बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदल देंगे। साथ ही जो भी ट्रक मालिक या टैक्सी मालिक अपने वाहन को बदलकर इलेक्ट्रिक वाहन लेगा, उसे 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदेश सरकार देगी।
सम्मेलन में लगे ठहाके
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू को उनके अधिकारियों की ओर से आईएसबी का धन्यवाद करने के लिए एक लिखित भाषण थमा दिया था। लेकिन, इसे पढ़ते हुए उन्हें काफी परेशानी आ रही थी। उन्होंने मंच से ही बोला कि ‘पढ़ने में थोड़ी दिक्कत होती है, नेता हूं बोल सकता हूं’। ऐसा सुनते ही वहां पर मौजूद सभी लोग ठहाके लगाने लगे।
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