Himachal News: सुक्खू सरकार ने पलटा एक और फैसला, 1 अप्रैल के बाद खोले, अपग्रेड किए स्वास्थ्य संस्थान डिनोटीफाई

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सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू
– फोटो : सोशल मीडिया

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नवनिर्वाचित कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने पूर्व जयराम सरकार का एक और फैसला पलट दिया है। नई सरकार ने हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग के तहत 1 अप्रैल 2022 के बाद नए खोले और अपग्रेड किए गए स्वास्थ्य संस्थानों को डिनोटीफाई कर दिया गया है।

प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभाशीष पांडा ने इस संबंध में आदेश जार कर किए हैं। आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि  हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल 2022 के बाद खोले गए नए स्वास्थ्य संस्थान और अपग्रेड किए गए स्वास्थ्य संस्थान डिनोटीफाई किए जाते हैं।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को सुक्खू सरकार ने बिजली बोर्ड के 12 विद्युत मंडल, 17 उपमंडल और तीन ऑपरेशन सर्किल बंद कर दिए थे। बोर्ड प्रबंधन ने मंगलवार को 32 कार्यालयों को डिनोटिफाई किया था। चीफ इंजीनियरों से इन नए कार्यालयों को खोलने पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। अब स्थानीय स्तर पर जरूरतों को देखते हुए सरकार इन सभी कार्यालयों की समीक्षा करेगी।

प्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह और राकेश पठानिया के गृह विधानसभा क्षेत्रों में खोले गए कार्यालय बंद कर दिए हैं। इन कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को साथ लगते कार्यालयों में तैनाती दी गई है। बिजली बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी कार्मिक मनोज कुमार की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि विद्युत मंडल नेरचौक, शिलाई, सराहन, संगड़ाह, सुजानपुर, थुनाग, नागनी, भावानगर, तीसा, हरोली, बंजार, थानाकलां, भोरंज और थुरल को बंद किया गया है।

विस्तार

नवनिर्वाचित कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने पूर्व जयराम सरकार का एक और फैसला पलट दिया है। नई सरकार ने हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण विभाग के तहत 1 अप्रैल 2022 के बाद नए खोले और अपग्रेड किए गए स्वास्थ्य संस्थानों को डिनोटीफाई कर दिया गया है।

प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभाशीष पांडा ने इस संबंध में आदेश जार कर किए हैं। आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि  हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल 2022 के बाद खोले गए नए स्वास्थ्य संस्थान और अपग्रेड किए गए स्वास्थ्य संस्थान डिनोटीफाई किए जाते हैं।

इससे एक दिन पहले मंगलवार को सुक्खू सरकार ने बिजली बोर्ड के 12 विद्युत मंडल, 17 उपमंडल और तीन ऑपरेशन सर्किल बंद कर दिए थे। बोर्ड प्रबंधन ने मंगलवार को 32 कार्यालयों को डिनोटिफाई किया था। चीफ इंजीनियरों से इन नए कार्यालयों को खोलने पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। अब स्थानीय स्तर पर जरूरतों को देखते हुए सरकार इन सभी कार्यालयों की समीक्षा करेगी।

प्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह और राकेश पठानिया के गृह विधानसभा क्षेत्रों में खोले गए कार्यालय बंद कर दिए हैं। इन कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को साथ लगते कार्यालयों में तैनाती दी गई है। बिजली बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी कार्मिक मनोज कुमार की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि विद्युत मंडल नेरचौक, शिलाई, सराहन, संगड़ाह, सुजानपुर, थुनाग, नागनी, भावानगर, तीसा, हरोली, बंजार, थानाकलां, भोरंज और थुरल को बंद किया गया है।



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