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स्कूल वर्दी(फाइल)
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 से सरकारी स्कूल खुद विद्यार्थियों की वर्दी का रंग तय करेंगे। प्रदेश सरकार ने हर स्कूल की एसएमसी को वर्दी का रंग चुनने का अधिकार देने का फैसला लिया है। लड़कियों के लिए सलवार-कमीज या स्कर्ट-शर्ट में एक ड्रेस चुनने का विकल्प भी स्कूलों को दिया गया है। उधर, सरकार पूर्व की तरह पहली से आठवीं कक्षा की सभी लड़कियों को और आरक्षित वर्ग के लड़कों को वर्दी खरीद के लिए 600 रुपये बैंक खातों में देती रहेगी। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि अगर स्कूल चाहेंगे तो एसएमसी फंड से वर्दी में और सुधार लाने के लिए अपनी ओर से और धनराशि भी विद्यार्थियों को दे सकेंगे। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले 5.25 लाख विद्यार्थियों को वर्दी का पैसा सरकार की ओर से दिया जाता है। नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को वर्दी खुद खरीदनी पड़ती है।
सरकार की ओर से निशुल्क वर्दी योजना में इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया है। प्रदेश के स्कूलों में अभी पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी है। छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी अनिवार्य किया गया है। लड़कों की वर्दी हरे रंग की पेंट और हरे रंग की चेक कमीज है। अब प्रदेश सरकार ने अपनी मर्जी की ड्रेस का रंग चुनने का स्कूलों को अधिकार दे दिया है। इसके तहत स्कूल हेडमास्टर और प्रिंसिपल को एसएमसी से चर्चा करने के बाद रंग चुनने का फैसला लेने को कहा है। नए सत्र से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी निजी स्कूलों के बच्चों की तर्ज पर अलग-अलग रंग की वर्दी में नजर आएंगे। सरकारी स्कूलों में करीब 8.50 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
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