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रास्ते में फंसे बराती।
– फोटो : संवाद
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जिला सिरमौर में मूसलाधार बारिश के बीच एक बरात रास्ते में फंस गई। सड़कें बंद होने से न तो शुभ मुहूर्त पर पहुंच सके और न ही दुल्हन की विदाई हो पाई। रविवार सुबह बरात लेकर गया दूल्हा करीब 6 घंटे तक रास्ते में फंसा रहा। इसके बाद पिता, भाई, पंडित समेत कुछ लोग दूल्हे को लेकर दुल्हन के गांव पहुंचे। दूल्हे ने दुल्हन के साथ सात फेरे लिए। दरअसल, पिछले कई घंटों से लगातार जारी बारिश ने संगड़ाह के डाहर गांव के अजय कुमार की शादी का मजा किरकिरा कर दिया।
रविवार को अजय की शादी रोनहाट क्षेत्र के बोराड़ गांव के रामकुमार की बेटी अर्चना से थी। अजय अपने गांव से सुबह 60 बरातियों को लेकर बोराड़ गांव के लिए रवाना हुआ। कई स्थानों पर सड़क बंद होने के कारण बरातियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 8 बजे जब बरात बिंदोली के समीप पहुंची तो वहां करीब 200 फीट सड़क का नामोनिशान मिटा हुआ था। गाड़ियों को निकालना तो दूर लोग भी वहां से पैदल भी नहीं गुजर पा रहे थे।
इस बीच सिदोटी गांव के अशोक शर्मा और अन्य कुछ लोगों ने दूल्हे समेत 45 बरातियों को वहां से निकालकर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर उन्हें बोराड़ गांव पहुंचाया, जबकि 15 बराती बिंदोली में ही फंस गए। बिंदोली में फंसे बरातियों को सुबह उन्होंने नाश्ता तो करा दिया था, लेकिन दिन के खाने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। उन्हें बिंदोली में दिनभर भूखे प्यासे रहना पड़ा।
शाम 4:00 बजे होनी थी दुल्हन की विदाई
बोराड़ में बरात के पहुंचने का समय 12: 00 बजे का तय था और शाम 4:00 बजे दुल्हन को विदा किया जाना था, लेकिन सड़कें बंद होने से आधी अधूरी बरात दिन में करीब 3:00 बजे बोराड़ पहुंची। मौसम खराब होने और भूस्खलन से सड़कें बंद होने के कारण रविवार को दुल्हन की विदाई नहीं हो सकी। अब सोमवार को ही बोराड़ गांव से दुल्हन की विदाई होगी।
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