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ओलावृष्टि का कहर, एंटी हेल नेट टूटी।
– फोटो : संवाद
विस्तार
मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। कुल्लू जिले में कई इलाकों में ओलावृष्टि से सेब और मटर को काफी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से सेब के बगीचों में लगाई गई एंटी हेलनेट भी टूट गई। जिला के भुंतर के चौहकी, टकरासी व लगौटी में भी ओले गिरने से सेब को भारी नुकसान हो गया है। टकरासी में एक माह में तीसरी बार ओलावृष्टि हुई है, वहीं राज्यस्तरीय पीपल जातर मेला कुल्लू में भी बारिश का खलल पड़ा और बाहरी राज्यों से आए व्यापारियों को कारोबारी पूरी तरह से ठप रहा है।
छह दिन मौसम खराब रहेगा
उधर, प्रदेश में लगातार छह दिन मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 30 अप्रैल से 5 मई तक प्रदेश के कई भागों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। 1 और 2 मई के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि व अंधड़ चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 30 अप्रैल व 3 मई के लिए ओलावृष्टि का येलो अलर्ट है। वहीं, राजधानी शिमला व अन्य भागों में मौसम खराब बना हुआ है।
न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 12.0, सुंदरनगर 13.6, भुंतर 10.9, कल्पा 4.2, धर्मशाला 15.2, ऊना 16.7, नाहन 17.9, केलांग 0.1, पालमपुर 13.2, सोलन 11.4, मनाली 6.6, कांगड़ा 15.3, मंडी 12.6, बिलासपुर 17.0, हमीरपुर 14.6, चंबा 12.0, डलहौजी 12.8, जुब्बड़हट्टी 14.6, कुफरी 8.6, कुकुमसेरी 1.8, नारकंडा 7.1, भरमौर 7.0, रिकांगपिओ 7.0, सेऊबाग 9.0, धौलाकुआं 16.5, बरठीं 13.9, मशोबरा 10.6, पांवटा साहिब 21.0 और सराहन में 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शिकुंला दर्रा में 15 फीट से ऊंची बर्फ की दीवारें
वहीं, समुद्रतल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिकुंला दर्रा स्थानीय वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। 18 अप्रैल को दर्रा यातायात के लिए बंद हो गया था। सड़क खुलने पर 10 दिनों तक मनाली में फंसे जांस्कर के वाहन चालक शनिवार को घाटी के लिए रवाना हुए। सड़क किनारे बर्फ के ऊंचे ढेर होने के कारण फिलहाल यातायात एकतरफा बहाल है। एक दिन जांस्कर से मनाली की ओर और एक दिन मनाली से जांस्कर की ओर वाहन भेजे जा रहे हैं। शनिवार को भी मौसम साफ रहने के चलते शिकुंला दर्रे में स्थानीय वाहनों की आवाजाही सुचारु रही। बीआरओ की मानें तो दर्रे में बर्फ के 15 से 20 फीट ऊंचे ढेर लगे हुए हैं।
इसके कारण कुछ दिन वाहनों की आवाजाही एकतरफा रहेगी। बीआरओ ने दर्रे को बहाल करने के बाद सड़क किनारे लगे बर्फ के ढेर को हटाना शुरू कर दिया है। दिन-रात सड़क पर बर्फ हटाने का कार्य जारी है। मनाली शिकुंला जंस्कार मार्ग बहाली व सड़क निर्माण का कार्य बीआरओ की योजक परियोजना के पास है। हालांकि, पर्यटकों को अभी भी शिकुंला दर्रा जाने के लिए इंतजार करना होगा। सैलानियों के लिए दर्रा बहाल होते ही यहां पर भारी भीड़ उमड़ेगी। योजक परियोजना के चीफ इंजीनियर जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि वीरवार रात को बर्फ हटाने का कार्य जारी रहा। रात करीब एक बजे सड़क एक तरफा खोली गई। थार रैली भी इसी मार्ग से होते हुए अटल टनल के साउथ पोर्टल तक पहुंची।
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