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मंडी में पंचवक्त्र मंदिर के व्यास गिरा पुल जो पड्डल को बाजार से जोड़ता था
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में भले ही तीन दिन की भारी बारिश के बाद मौसम खुल गया हो, लेकिन दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुल्लू की खराहल घाटी के बुरगणी नाला और लगघाटी की डुघीलग खणीपांद में बादल फटने से प्लम, जापानी फल और उपजाऊ भूमि को नुकसान हुआ है।
जलस्तर कम होने से ब्यास में नौ शव मिले हैं। सेऊबाग में चार, भुंतर और जिया में दो-दो और टलोगी में एक शव बरामद हुआ है। जिले के मनाली, मणिकर्ण और बंजार घाटी में 17,000 पर्यटक अभी भी फंसे हैं। हालांकि अब कुल्लू-मनाली के बीच वैक्लिपक मार्ग खुलने से पर्यटक धीरे-धीरे निकलने लगे हैं।
दो दिन कुछ राहत, 14 और 15 को फिर येलो अलर्ट
तीन दिन भारी बारिश से मची तबाही के बाद प्रदेश में बुधवार और वीरवार को मौसम कुछ खुलने के आसार हैं। उसके बाद 14 जुलाई को ओलावृष्टि का और 15 को ओलावृष्टि और भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। हालांकि, 17 जुलाई तक पूरे प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का पूर्वानुमान है।
बुधवार को मनाली से कुल्लू के लिए छोटे वाहनों के लिए सड़क खोल दी गई है। वाहनों को वाया लेफ्ट बैंक होते हुए अरछन्डी, अरछन्डी से राईसन फिर राइट बैंक होते हुए कुल्लू भेजा जा रहा है। अभी तक मनाली से लगभग 2041 वाहनों को सुरक्षित निकला है ।
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