Himachal Weather: मैदानी जिलों में धुंध पड़ने, ठंडी हवाएं चलने का अलर्ट, जानें छह दिनों का मौसम पूर्वानुमान

[ad_1]

चंबा में जम गया पेड़।

चंबा में जम गया पेड़।
– फोटो : संवाद

ख़बर सुनें

हिमाचल प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को सुबह-शाम के समय धुंध पड़ने और ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों में 22 दिसंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 25.0, बिलासपुर में 24.5, सोलन में 24.0, चंबा-सुंदरनगर में 23.5, धर्मशाला में 23.0, भुंतर में 22.9, कांगड़ा में 22.7, हमीरपुर में 22.0, मंडी में 21.8, शिमला में 18.0, डलहौजी में 15.8, मनाली में 15.0, कल्पा में 14.6 और केलांग में 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

उधर, राजधानी शिमला और डलहौजी के अलावा प्रदेश के सभी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान कम हुआ है। गुरुवार रात को केलांग और कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5.6, सुंदरनगर में 0.2, भुंतर में 0.6, कल्पा में 1.0, मंडी में 1.1, मनाली में 2.0, सोलन-हमीरपुर में 2.4, चंबा में 3.1, ऊना में 3.5, कांगड़ा में 4.8, बिलासपुर में 5.0, धर्मशाला में 8.2, शिमला में 10.0 और डलहौजी में 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 

छह साल में दिसंबर में सबसे कम बरसे बादल
बारिश न होने से गेहूं की फसल पर सूखे की मार पड़ रही है। करीब छह साल में यह पहली बार हुआ है कि 16 दिसंबर तक प्रदेश और जिला कांगड़ा में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, प्रदेश में 16 दिसंबर तक 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, लेकिन वह न के बराबर है। नवंबर की बात करें तो साल 2018 से 2020 तक मेघ बरसे हैं, लेकिन इस साल नवंबर में भी बारिश कम आंकी गई है। दिसंबर में अब तक बारिश न होने से किसानों को फसल का चिंता सताने लगी है। नवंबर अंत तक चली गेहूं की बिजाई को दिसंबर में बारिश की जरूरत होती है, लेकिन इस साल अब तक बारिश नहीं हुई है। कांगड़ा के धौलाधार के पहाड़ दिसंबर में इस समय बर्फ से लकदक दिखते थे। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिकों से मिले छह सालों के आंकड़ों के मुताबिक 16 दिसंबर तक इस साल सबसे कम बारिश हुई है। 

पिछले छह सालों के 16 दिसंबर तक के आंकड़े
साल     दिसंबर      जिला कांगड़ा     प्रदेश
2016                        3.4 मिमी      2.2 मिमी
2017                        80.3            48.0
2018                        6.8              7.5
2019                       95.0             50.7
2020                       40.3            34.3
2021                       6.0              17.6
2022                       0.0               0.5

 

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को सुबह-शाम के समय धुंध पड़ने और ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों में 22 दिसंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। शुक्रवार को शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 25.0, बिलासपुर में 24.5, सोलन में 24.0, चंबा-सुंदरनगर में 23.5, धर्मशाला में 23.0, भुंतर में 22.9, कांगड़ा में 22.7, हमीरपुर में 22.0, मंडी में 21.8, शिमला में 18.0, डलहौजी में 15.8, मनाली में 15.0, कल्पा में 14.6 और केलांग में 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

उधर, राजधानी शिमला और डलहौजी के अलावा प्रदेश के सभी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान कम हुआ है। गुरुवार रात को केलांग और कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5.6, सुंदरनगर में 0.2, भुंतर में 0.6, कल्पा में 1.0, मंडी में 1.1, मनाली में 2.0, सोलन-हमीरपुर में 2.4, चंबा में 3.1, ऊना में 3.5, कांगड़ा में 4.8, बिलासपुर में 5.0, धर्मशाला में 8.2, शिमला में 10.0 और डलहौजी में 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। 

छह साल में दिसंबर में सबसे कम बरसे बादल

बारिश न होने से गेहूं की फसल पर सूखे की मार पड़ रही है। करीब छह साल में यह पहली बार हुआ है कि 16 दिसंबर तक प्रदेश और जिला कांगड़ा में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, प्रदेश में 16 दिसंबर तक 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, लेकिन वह न के बराबर है। नवंबर की बात करें तो साल 2018 से 2020 तक मेघ बरसे हैं, लेकिन इस साल नवंबर में भी बारिश कम आंकी गई है। दिसंबर में अब तक बारिश न होने से किसानों को फसल का चिंता सताने लगी है। नवंबर अंत तक चली गेहूं की बिजाई को दिसंबर में बारिश की जरूरत होती है, लेकिन इस साल अब तक बारिश नहीं हुई है। कांगड़ा के धौलाधार के पहाड़ दिसंबर में इस समय बर्फ से लकदक दिखते थे। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिकों से मिले छह सालों के आंकड़ों के मुताबिक 16 दिसंबर तक इस साल सबसे कम बारिश हुई है। 

पिछले छह सालों के 16 दिसंबर तक के आंकड़े

साल     दिसंबर      जिला कांगड़ा     प्रदेश

2016                        3.4 मिमी      2.2 मिमी

2017                        80.3            48.0

2018                        6.8              7.5

2019                       95.0             50.7

2020                       40.3            34.3

2021                       6.0              17.6

2022                       0.0               0.5

 



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *