House Tax: गृहकर देने में फिसड्डी हैं बनारसी, सुविधाएं सब चाहिए लेकिन टैक्स नहीं देंगे; पढ़ें ये खास खबर

[ad_1]

Banarasi is lagging behind in paying house tax, wants all the facilities but will not pay tax

हाउस टैक्स
– फोटो : DEMO Pics

विस्तार


अपने आप में मस्त रहने वाले बनारसियों को नगर निगम से सारी सुविधाएं मुफ्त में चाहिए। उन्हें किसी भी सुविधा के लिए कोई कर चुकाना पसंद नहीं है। ऐसा नगर निगम के आंकड़े बता रहे हैं। एक अप्रैल से सात दिसंबर तक नगर निगम को लक्ष्य के मुकाबले महज 26 फीसदी ही गृहकर मिल पाया है। नगर निगम को इस वित्तीय वर्ष में 157.23 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य मिला है। जिसके बदले में अब तक केवल 40.36 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। 116.87 करोड़ रुपये का गृहकर बाकी है।

नगर निगम की ओर से गृहकर वसूली के लिए प्रयास किया जा रहा है। जागरूकता अभियान चला, चौपाल भी लगाई गई और फिर निगम ने नोटिस देना शुरू किया। फिर भी कोई खास असर देखने को नहीं मिला। नोटिस देने के बाद भी जब बकायेदारों ने गृहकर नहीं जमा किया तो निगम ने कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन गृहकर वसूली में संतोषजनक प्रगति नहीं है।

पांच जोन में 219675 बकायेदार

निगम के पांचों पुराने जोन को मिलाकर गृहकर के कुल बकायेदारों की संख्या दो लाख 19 हजार 675 है। बीते आठ महीनों में निगम ने एक लाख छह हजार 49 बकायेदारों से 40.36 करोड़ रुपये का गृहकर वसूलने में सफलता हासिल की है।

बड़े बकायेदारों पर हो रही कार्रवाई

बकायेदारों के सुस्त रवैये से आजिज आकर नगर निगम में शहर के बड़े बकायेदारों की सूची जारी की। इससे भी जब बकायेदारों को फर्क नहीं पड़ा तो निगम ने इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए इनके भवन की कुर्की शुरू की। अक्तूबर 23 में नगर निगम ने शहर के बड़े बकायेदारों को बेपर्दा करते हुए 200 लोगों की सूची जारी की। इन पर 2.83 करोड़ रुपये का गृहकर बकाया है। इन सभी पर कार्रवाई की जा रही है।

गृहकर समय से मिले तो विकास ज्यादा हो

शहरवासियों से मिलने वाला गृहकर ही नगर निगम की सबसे बड़ी कमाई का जरिया है। इन्हीं पैसों से नगर निगम क्षेत्र में लोगों से जुड़ी सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। वाराणसी में इस बार नगर निगम क्षेत्र का विकास हुआ है। 84 गांव शामिल हुए हैं जहां सुविधाओं का अकाल है। गृहकर समय से और पूरा मिले तो नए और पुराने सभी क्षेत्रों में विकास होगा।

शहर में गृहकर वसूली रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। लोगाें को इसके लिए गंभीर होना चाहिए। समय से गृहकर जमा करें तो नगर निगम सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवर, पानी आदि सुविधाएं और अच्छी उपलब्ध करा सकेगा। – अक्षत वर्मा, नगर आयुक्त

 

जोन का नाम – भवन – लक्ष्य (करोड़ में) – बकायेदारों की संख्या – बकाया धनराशि (करोड़ में)

आदमपुर – 35,351 – 23.37 – 20,861 – 20.37

भेलूपुर – 55,323 – 28.65 – 27,194 – 19.10

दशाश्वमेध – 39,700 – 37.19 – 18,382 – 26.36

कोतवाली – 16,921 – 22.61 – 7,024 – 18.16

वरुणापार – 72,380 – 45.41 – 40,165 – 32.88

योग – 2,19,675 – 157.23 – 1,13,626 – 116.87

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *