HP Politics: नए सीएम सुक्खू के फैसलों पर जयराम ठाकुर का तंज, बोले- लटकाने-अटकाने और भटकाने का काम शुरू

[ad_1]

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से कुर्सी संभालते ही लिए गए निर्णयों पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तंज कसा है। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने मंगलवार को ट्वीट कर इन फैसलों पर विरोध जताया। जयराम ने लिखा- स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, पुल, सड़क, पेयजल योजना… इन सब कामों को लटकाने, अटकाने और भटकाने का काम शुरू हो गया है, जिसके लिए जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। बता दें सुक्खू ने पूर्व जयराम सरकार के 1 अप्रैल 2022 के बाद कैबिनेट में लिए गए सभी फैसलों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। साथ ही  नए संस्थान खोलने और अपग्रेड करने के फैसले रिव्यू करने और डिनोटिफाई करने का भी फैसला लिया है। इसके अलावा भी कई अन्य निर्णय लिए गए हैं।

वहीं, अब इन फैसलों को लेकर भाजपा नेताओं ने निशाना साधना शुरू कर दिया है। जयराम ने ट्वीट कर कहा कि बदले की भावना के साथ काम की शुरुआत अच्छी नहीं है। हमने पांच साल बिना किसी भेदभाव के जनता की सेवा की। कभी बदले की भावना से प्रदेश में कोई काम नहीं किया। भाजपा ने कांग्रेस सरकार के किसी फैसले को नहीं पलटा, कोई विकास कार्य नहीं रोका, लेकिन अफसोस कि कांग्रेस सरकार ने बदले की भावना के साथ काम करना शुरू कर दिया है। जयराम ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अपना रिवाज जारी रखते हुए हमारी सरकार के फैसलों को रोकने और पलटने का काम शुरू कर दिया, जबकि अभी तो मंत्रिमंडल का भी गठन नहीं हुआ लेकिन बदले की भावना के साथ काम करने की शुरुआत हो गई।

बिना बजट शिक्षण, स्वास्थ्य संस्थान खोलने के लिए ही जारी की अधिसूचना : सुक्खू 
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार किया है। कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना बजट प्रावधान के शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों को खोलने के लिए सिर्फ अधिसूचना जारी की है। पांच सदस्यीय कमेटी ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि केवल मात्र अधिसूचना ही जारी हुई है। जब अधिकारियों से पूछा गया तो जवाब मिला कि विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए संस्थान खोले गए। इनके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं था। इन संस्थानों में स्टाफ और छात्र नहीं थे। भाजपा चुनाव जीतती तो तीन साल में संस्थान खोलने थे। अन्यथा, ये संस्थान खोलने का दायित्व कांग्रेस सरकार पर रहता। सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना बजट का प्रावधान किए जगह-जगह कागजों में स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थान खोल दिए थे। विधायक हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में गठित की पांच सदस्यीय कमेटी ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि केवल मात्र अधिसूचना ही जारी की गई हैं। इन संस्थानों के संबंध में धरातल पर कुछ नहीं हुआ। इस कमेटी ने पता किया कि अगर बजट है तो खोले गए संस्थान जारी रखे जाएं। इनके लिए बजट का प्रावधान ही नहीं था। इस संबंध में अधिकारियों से पूछा कि इतने सारे संस्थानों की घोषणा क्यों की गई? अधिकारियों से जवाब मिला कि विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए खोले गए। इसे देखते हुए सरकार ने पिछली कैबिनेट के नौ महीनों के फैसलों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
 

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से कुर्सी संभालते ही लिए गए निर्णयों पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तंज कसा है। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने मंगलवार को ट्वीट कर इन फैसलों पर विरोध जताया। जयराम ने लिखा- स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, पुल, सड़क, पेयजल योजना… इन सब कामों को लटकाने, अटकाने और भटकाने का काम शुरू हो गया है, जिसके लिए जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। बता दें सुक्खू ने पूर्व जयराम सरकार के 1 अप्रैल 2022 के बाद कैबिनेट में लिए गए सभी फैसलों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। साथ ही  नए संस्थान खोलने और अपग्रेड करने के फैसले रिव्यू करने और डिनोटिफाई करने का भी फैसला लिया है। इसके अलावा भी कई अन्य निर्णय लिए गए हैं।

वहीं, अब इन फैसलों को लेकर भाजपा नेताओं ने निशाना साधना शुरू कर दिया है। जयराम ने ट्वीट कर कहा कि बदले की भावना के साथ काम की शुरुआत अच्छी नहीं है। हमने पांच साल बिना किसी भेदभाव के जनता की सेवा की। कभी बदले की भावना से प्रदेश में कोई काम नहीं किया। भाजपा ने कांग्रेस सरकार के किसी फैसले को नहीं पलटा, कोई विकास कार्य नहीं रोका, लेकिन अफसोस कि कांग्रेस सरकार ने बदले की भावना के साथ काम करना शुरू कर दिया है। जयराम ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अपना रिवाज जारी रखते हुए हमारी सरकार के फैसलों को रोकने और पलटने का काम शुरू कर दिया, जबकि अभी तो मंत्रिमंडल का भी गठन नहीं हुआ लेकिन बदले की भावना के साथ काम करने की शुरुआत हो गई।

बिना बजट शिक्षण, स्वास्थ्य संस्थान खोलने के लिए ही जारी की अधिसूचना : सुक्खू 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर पलटवार किया है। कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना बजट प्रावधान के शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों को खोलने के लिए सिर्फ अधिसूचना जारी की है। पांच सदस्यीय कमेटी ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि केवल मात्र अधिसूचना ही जारी हुई है। जब अधिकारियों से पूछा गया तो जवाब मिला कि विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए संस्थान खोले गए। इनके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं था। इन संस्थानों में स्टाफ और छात्र नहीं थे। भाजपा चुनाव जीतती तो तीन साल में संस्थान खोलने थे। अन्यथा, ये संस्थान खोलने का दायित्व कांग्रेस सरकार पर रहता। सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बिना बजट का प्रावधान किए जगह-जगह कागजों में स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थान खोल दिए थे। विधायक हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में गठित की पांच सदस्यीय कमेटी ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि केवल मात्र अधिसूचना ही जारी की गई हैं। इन संस्थानों के संबंध में धरातल पर कुछ नहीं हुआ। इस कमेटी ने पता किया कि अगर बजट है तो खोले गए संस्थान जारी रखे जाएं। इनके लिए बजट का प्रावधान ही नहीं था। इस संबंध में अधिकारियों से पूछा कि इतने सारे संस्थानों की घोषणा क्यों की गई? अधिकारियों से जवाब मिला कि विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए खोले गए। इसे देखते हुए सरकार ने पिछली कैबिनेट के नौ महीनों के फैसलों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।

 



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *