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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस के माध्यम से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के छात्रों के लिए करीब तीन साल पहले शुरू की गई ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट्स योजना को बंद कर दिया है। योजना के बंद होने से सीबीएसई के कई छात्रों की स्कूल शिक्षा बोर्ड से अपनी पढ़ाई पूरी करने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2021 में सीबीएसई के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए इस योजना को शुरू किया था।
शुरुआत में यह योजना बेहतर तरीके से चली, लेकिन अब अचानक से इस योजना को स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बंद कर प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों को बड़ा झटका दे दिया है। राज्य मुक्त स्कूल (एसओएस) के जरिए ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट्स योजना को बंद करने के पीछे का कारण बोर्ड प्रबंधन ने अंकों का निर्धारण न हो पाना बताया है। दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपने विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षाओं में क्रेडिट्स प्रदान करता है।
वहीं, दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम अंकों के आधार पर घोषित करता है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से क्रेडिट्स प्राप्त करने के बाद इन क्रेडिट्स को अंकों में तबदील करने में तकनीकी परेशानी पेश आ रही है। इसके चलते बोर्ड ने अब इस योजना को बंद कर दिया है। वहीं, अब शिक्षा बोर्ड नए सिरे से इस योजना पर काम कर रहा है, ताकि सीबीसीई बोर्ड के ड्राॅपआउट छात्र एसओएस के तहत टीओसी का लाभ उठा कर परीक्षाएं दे सकें। जबकि पूर्व में प्रदेश के कई विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाकर अपनी दसवीं और बाहरवीं बोर्ड परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई बोर्ड के उन छात्रों को एसओएस के तहत टीओसी का लाभ उठाते हुए परीक्षाएं देने की सुविधा प्रदान की थी। इस दौरान सीबीएसई बोर्ड से ड्रॉपआउट हुए कुछ छात्रों ने परीक्षाएं भी दीं। उन्हें टीओसी के तहत मिले अंकों का सही निर्धारण के लिए कोई ठोस योजना या फार्मूला न हो पाने के कारण एचपी बोर्ड प्रबंधन ने इसे बंद कर दिया, ऐसे छात्रों के हाथ मायूसी लगी, जोकि सीबीएसई से ड्रॉपआउट होकर एचपीएसओएस के तहत परीक्षाएं देना चाहते थे।
छात्रों की सुविधा के लिए शुरू की थी व्यवस्था : डॉ. सोनी
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि उनके कार्यकाल में बोर्ड प्रबंधन ने छात्र हित में कई फैसले लिए थे। सीबीएसई के छात्रों को एचपीएसओएस के तहत टीओसी का फायदा देकर परीक्षाएं देने की भी सुविधा शुरू की थी। इसके लिए पूरी व्यवस्था की थी। वर्तमान बोर्ड प्रबंधन को भी इस व्यवस्था को छात्र हित में चलाए रखना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रबंधन को सीबीसीई छात्रों को एसओएस के तहत अंकों का निर्धारण करने में दिक्कतें आ रही थीं, जिसके चलते फिलहाल इसे बंद किया गया है। शिक्षा बोर्ड प्रबंधन नए सिरे से अंकों का निर्धारण करने के लिए इस पर काम कर रहा है। जल्द सीबीएसई बोर्ड से ड्रॉपआउट हुए छात्र भी एसओएस के तहत टीओसी का फायदा ले सकेंगे। – डॉ. विशाल शर्मा, सचिव, एचपी बोर्ड धर्मशाला।
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