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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम वर्ष बीएससी, बीए और बीकॉम के खराब परीक्षा परिणाम के कारणों की जांच करने वाली कमेटी की सिफारिश पर हजारों विद्यार्थियों को पर्यावरण विज्ञान में पांच अंक की ग्रेस मिलने का बेसब्री से इंतजार है। एक सप्ताह पूर्व जांच कमेटी ने विवि के प्रति कुलपति को जांच रिपोर्ट सौंप दी है, मगर अभी तक विवि प्रशासन इस पर ग्रेस अंक देने का निर्णय नहीं ले पाया है। इसके लिए कुलपति के विवि लौटने का इंतजार विवि प्रशासन कर रहा है। ग्रेस अंक मिलने पर खराब रहे यूजी प्रथम वर्ष के परिणाम की पास प्रतिशतता के दो से चार फीसदी तक बढ़ना तय माना जा रहा है।
जानकारों की मानें तो ग्रेस मार्क्स के मिलने से हजारों यूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी पास हो जाएंगे। दो से अधिक विषयों में फेल विद्यार्थी को फेल करार दिया जाता है। ईवीएस में यदि वे पास होते हैं, तो इन छात्रों की कंपार्टमेंट आएगी। इससे उनका एक साल बच जाएगा। एक अनुमान के अनुसार सभी यूजी विद्यार्थियों को ग्रेस अंक मिलने से यूजी बीएससी का जो परिणाम बीस फीसदी रहा, वहीं बीकॉम का 33 फीसदी रहा, यह परिणाम कम से कम तीन से चार फीसदी बढ़ना तय है। इससे प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और उनका एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
कुलपति लेंगे ग्रेस अंक देने पर निर्णय : प्रो. ज्योति प्रकाश
खराब परीक्षा परिणाम की जांच रिपोर्ट तैयार है। कुलपति प्रो. एसपी बंसल के लौटने पर उन्हें रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वही जांच कमेटी की सिफारिश को आधार बनाकर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को ईवीएस में ग्रेस अंक देने पर निर्णय लेंगे। उन्होंने माना कि ग्रेस मिलने से परीक्षा परिणाम की पास प्रतिशतता निश्चित तौर पर बढ़ेगी।
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