Hypertention Day: अंसतुलित दिनचर्या से युवा भी आ रहे उच्च रक्तचाप की चपेट में, ऐसे कर सकते हैं बचाव

[ad_1]

Hypertension Day: youth also vulnerable to high blood pressure due to unbalanced routine

Hypertension Day
– फोटो : istock

विस्तार

असंतुलित खानपान और दिनचर्या से युवा उच्च रक्तचाप की चपेट में आ रहे हैं। इससे युवा हाइपरटेंशन से पीड़ित हो रहे हैं। उच्च रक्तचाप से पीड़ित होने पर ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी, नेत्र आदि से जुड़े गंभीर रोगों में वृद्धि हुई है। जम्मू कश्मीर में हर तीसरे व्यक्ति में रक्तचाप की समस्या पाई जा रही है। अमूमन 40 से 50 की उम्र में होने वाली रक्तचाप की समस्या अब 20 से 25 साल के युवाओं को हो रही है।

उच्च रक्तचाप को हाइपरटेंसिव, सामान्य को नामोटेंसिव और कम रक्तचाप को हाइपोटेंसिव कहा जाता है। इनमें युवाओं में अधिकांश को हाइपरटेंसिव की समस्या हो रही है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग की 300 से 400 की ओपीडी में 80 से 90 प्रतिशत लोगों में रक्तचाप की शिकायत पाई जाती है। खासतौर पर यह युवाओं के दिल और दिमाग पर अधिक हमला कर रहा है। पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि हुई है। जीएमसी जम्मू में ही रोजाना 10 से 15 हार्ट अटैक से पीड़ित मामले पहुंच रहे हैं। युवाओं में विभिन्न तरह के तनाव के कारण भी रक्तचाप की समस्या बढ़ रही है।

सतर्क रहें मोटापाग्रस्त लोग, खानपान सुधारें

कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा ने बताया कि खून में चरबी और चिकनाई बढ़ने, खून के प्रवाह वाली नसों के सिकुड़ने, गुर्दे में समस्या आदि अधिकतर उच्च रक्तचाप से होती है। रोजाना सामान्य से अधिक नमक का सेवन करने वाले भी रक्तचाप से पीड़ित होते हैं। इससे खून के प्रवाह का दबाव बढ़ने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। दिमाग की नसों पर अधिक दबाव पड़ने से लकवा मार जाता है।

शरीर में मोटापा बढ़ने वाले लोगों को भी रक्तचाप को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। शरीर में सामान्य से अधिक चरबी बढ़ने से मोटापे की शिकायत होती है जो रक्तचाप का कारण बनती है। न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. हरदीप के अनुसार उच्च रक्तचाप के कारण ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि हुई है। इसमें युवा भी पीड़ित हो रहे हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले ऐसे मामलों में अधिकांश में उच्च रक्तचाप की शिकायत मिलती है।

उच्च रक्तचाप के लक्षण

  • अचानक चलते या बैठते समय आंखों के आगे अंधेरा छाना।
  •  बार-बार चक्कर आना और उल्टी का मन होना।
  •  सिर और सीने पर भारीपन महसूस होना।
  •  शरीर का सुस्त रहना और अधिक कमजोरी महसूस करना।

ये हैं बचाव

  •  अधिक चिकनाहट और चरबीयुक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
  •  रोजमर्रा जिंदगी में मीठे पदार्थों का संतुलित सेवन करें।
  •  खाने में सामान्य नमक का प्रयोग करें।
  •  दैनिक जीवन में सैर और व्यायाम करें।
  •  तनाव से दूर रहने के लिए सभी उपाय करें।
  •  फलों और सब्जियों का अधिक सेवन करें।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *