IGMC Shimla: वायरल फीवर की चपेट में युवा, बढ़ने लगी ओपीडी

[ad_1]

आईजीएमसी की लैब के बाहर लगी मरीजों की भीड़

आईजीएमसी की लैब के बाहर लगी मरीजों की भीड़
– फोटो : संवाद

ख़बर सुनें

 मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या लोगों में बढ़नी शुरू हो गई है। युवा वर्ग इस तरह की बीमारी की जद्द में अधिक आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आम तौर पर यह दिक्कतें कुछ समय में ठीक हो सकती हैं लेकिन हर बार सर्दी जुकाम होने पर वायरल फीवर होने से मुसीबत बढ़ भी सकती है। आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि इस तरह की समस्या आने पर तुरंत मरीज को उपचार के लिए अस्पताल आना चाहिए।
 

आईजीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन 300 मरीजों का उपचार किया जाता है। आजकल इसमें वायरल फीवर के मामले अधिक हैं। ओपीडी में रोजाना 15 से 20 नए मामले आ रहे हैं। इनमें युवा अधिक हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है तो ऐसे में वायरल फीवर के साथ मरीजों को यह बीमारी भी हो सकती है। इसलिए एहतियात बरतें। पहले की तरह मास्क लगाकर रखें और हाथों को बार-बार धोएं।
 

यह खा सकते हैं मरीज
आईजीएमसी के विशेषज्ञ डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि मरीजों को गरम आहार खाना चाहिए। मरीज सूप, दलिया और खिचड़ी खा सकते हैं। विटामिन सी युक्त फलों में आंवला, किवी और अनार का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टरों द्वारा बताई गई विटामिन सी युक्त टेबलेट खानी चाहिए। मरीजों को पैरासीटामोल, लिवोसिट्राजिन दवाई दी जाती है।
 

निजी लैब में नहीं आई मरीजों की रिपोर्ट
आईजीएमसी में वीरवार को इलाज करवाने आए मरीज परेशान रहे। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में खुली निजी लैब में टेस्ट करवाने के बाद दो से तीन दिन तक रिपोर्ट नहीं मिल रही है। तीमारदार नरेश, विनय और सुरेखा ने बताया कि कुछ दिनों पहले विटामिन डी और आयरन प्रोफाइल के टेस्ट करवाए थे लेकिन रिपोर्ट न आने से मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है।

विस्तार

 मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या लोगों में बढ़नी शुरू हो गई है। युवा वर्ग इस तरह की बीमारी की जद्द में अधिक आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आम तौर पर यह दिक्कतें कुछ समय में ठीक हो सकती हैं लेकिन हर बार सर्दी जुकाम होने पर वायरल फीवर होने से मुसीबत बढ़ भी सकती है। आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि इस तरह की समस्या आने पर तुरंत मरीज को उपचार के लिए अस्पताल आना चाहिए।

 

आईजीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन 300 मरीजों का उपचार किया जाता है। आजकल इसमें वायरल फीवर के मामले अधिक हैं। ओपीडी में रोजाना 15 से 20 नए मामले आ रहे हैं। इनमें युवा अधिक हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है तो ऐसे में वायरल फीवर के साथ मरीजों को यह बीमारी भी हो सकती है। इसलिए एहतियात बरतें। पहले की तरह मास्क लगाकर रखें और हाथों को बार-बार धोएं।

 

यह खा सकते हैं मरीज

आईजीएमसी के विशेषज्ञ डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि मरीजों को गरम आहार खाना चाहिए। मरीज सूप, दलिया और खिचड़ी खा सकते हैं। विटामिन सी युक्त फलों में आंवला, किवी और अनार का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टरों द्वारा बताई गई विटामिन सी युक्त टेबलेट खानी चाहिए। मरीजों को पैरासीटामोल, लिवोसिट्राजिन दवाई दी जाती है।

 

निजी लैब में नहीं आई मरीजों की रिपोर्ट

आईजीएमसी में वीरवार को इलाज करवाने आए मरीज परेशान रहे। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में खुली निजी लैब में टेस्ट करवाने के बाद दो से तीन दिन तक रिपोर्ट नहीं मिल रही है। तीमारदार नरेश, विनय और सुरेखा ने बताया कि कुछ दिनों पहले विटामिन डी और आयरन प्रोफाइल के टेस्ट करवाए थे लेकिन रिपोर्ट न आने से मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *