IIT मद्रास ने pyrolysis के लिए non-recyclable वस्तुओं को इकट्ठा करने के लिए शुरू किया ‘punch the plastic’ अभियान

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IIT मद्रास ने pyrolysis के लिए non-recyclable वस्तुओं को इकट्ठा करने के लिए शुरू किया 'punch the plastic' अभियान

छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने मिलकर परिसर के बीच अपशिष्ट पृथक्करण एवं पानी और ऊर्जा के उपयोग को कम करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘sustainable campus collective’ के रूप में संयुक्त प्रयास किया.

नई दिल्ली:

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने 26 अक्टूबर, 2022 को विश्व स्थिरता दिवस (world sustainability day) मनाने के लिए ‘punch the plastic’ अभियान शुरू किया. पायरोलिसिस जैसे रीसाइक्लिंग विकल्पों के लिए स्वच्छ और प्लास्टिक पैकेजिंग को एकत्र करने के लिए एक यह एक नई विधि है. छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने मिलकर परिसर के बीच अपशिष्ट पृथक्करण एवं पानी और ऊर्जा के उपयोग को कम करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘sustainable campus collective’ के रूप में संयुक्त प्रयास किया. यह अभियान 25 अक्टूबर, 2022 को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, शांति शीला नायर; डीन (योजना), लीगी फिलिप; डीन (छात्र), नीलेश जे. वासा; सस्टेनेबल कैंपस कलेक्टिव, फैकल्टी सलाहकार, इंदुमति नांबी; संकाय और छात्रों की उपस्थिति में शुरू किया गया था.

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इस अभियान में तीन प्रमुख कार्यक्रम शामिल थे-

  • पंच द प्लास्टिक ड्राइव- इस इवेंट में पायरोलिसिस जैसे रीसाइक्लिंग विकल्पों में भेजने के लिए स्वच्छ और सूखी प्लास्टिक पैकेजिंग को इकट्ठा करने के लिए साधारण हुक डिवाइस के दो मॉडल दिखाए गए. पैकेजिंग प्लास्टिक गैर-पुनर्नवीनीकरण योग्य होते हैं क्योंकि वे अन्य जैविक कचरे के साथ मिश्रित होने पर गीले और गंदे हो जाते हैं और डंपसाइट या जल में नष्ट हो जाते हैं.
  • मंकी प्रूफ फूड वेस्ट डस्टबिन हैकाथॉन- आईआईटी मद्रास में कैंपस में बंदरों की काफी बड़ी आबादी है जिनकी नजर कचरे के डिब्बे पर होती है और वे कचरा प्रबंधन को बाधित करते और उन्हें फैला देते हैं. संस्थान कूड़ेदान के दायरे को बढ़ाना चाहता है, इसलिए हैकथॉन के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ डिजाइन को ‘कार्बन जीरो चैलेंज 2022’ द्वारा प्रायोजित आगे के प्रोटोटाइप और परीक्षण के लिए फंड मिलेगा.
  • सस्टेनेबिलिटी चैंपियन प्रतियोगिता- आवासीय, शैक्षणिक और छात्रावास क्षेत्र के सस्टेनेबल चैंपियंस का चयन करने के लिए और परिसर में विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के बीच सस्टेनेबिलिटी प्रतियोगिता के माध्यम से परिसर में रहने वालों सभी के लिए सस्टेनेबिलिटी पर एक कार्रवाई और जागरूकता की योजना बनाई गई है. इन प्रतिभागियों को पानी, ऊर्जा, अपशिष्ट और स्वच्छता ऑडिट करके रैंक दी जाएगी और दीक्षांत समारोह के दौरान ट्रॉफी वितरण के लिए ग्रीन रेटिंग का उपयोग किया जाएगा.

लॉन्च इवेंट को संबोधित करते हुए, IIT मद्रास, सस्टेनेबल कैंपस कलेक्टिव, फैकल्टी एडवाइजर, इंदुमति नांबी ने कहा, “हम मानते हैं कि IIT मद्रास कम्युनिटी के प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए और कैंपस को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने की दिशा में प्रशासन के प्रयासों को मजबूत करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि “सस्टेनेबिलिटी अभियान का उद्देश्य आईआईटी मद्रास को तीन पहलुओं – शून्य अपशिष्ट परिसर, कम कार्बन और कम पानी के वेस्ट में परिसर को बेहतर बनाना है. 

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