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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान
– फोटो : संवाद
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि विश्व बैंक और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की सहायता से केंद्र सरकार की प्रमुख योजना राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (आरएएमपी) कार्यक्रम की शुरुआत के लिए प्रदेश में सार्थक प्रयास शुरू कर दिए हैं। राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई क्षेत्र में इससे आशातीत बदलाव लाए जा रहे हैं। अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी को रणनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) की तैयारी के लिए बोली प्रक्रिया के माध्यम से परामर्श एजेंसी के रूप में चयनित किया गया है। एजेंसी ने एसआईपी तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है।
एजेंसी ने सिरमौर जिले के काला अंब और पावंटा साहिब में उद्योग हितधारकों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान सामने आए विभिन्न पहलू हिमाचल में रैंप योजना (आरएएमपी) कार्यक्रम की विशिष्ट आवश्यकताओं और उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार रणनीतिक निवेश योजना को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद एसआईपी वित्त, बाजार, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और अन्य आवश्यक समर्थन तक पहुंच के माध्यम से एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। एसआईपी को अगले चार वर्षों में राज्य एमएसएमई और उद्योग संघों के माध्यम से सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा।
परामर्श एजेंसी उद्योग की जरूरतों को पूरा करने और रैंप योजना व क्लस्टर विकास कार्यक्रम के बारे में जागरूकता साझा करने के लिए शीघ्र ही विभिन्न जिलों में संवाद, कार्यशालाएं आयोजित करेगी। निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति ने एमएसएमई और उद्योग संघों से सक्रिय रूप से इस संवाद में भाग लेने का आग्रह किया। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सतीश कुमार गोयल और महासचिव नवीन अग्रवाल, फार्मा एसोसिएशन काला अंब के अध्यक्ष केशव सैनी और उद्योग संघों के अन्य प्रमुख सदस्य व पदाधिकारी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
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