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ई-रिक्शा ड्राइवर किरण
– फोटो : अमर उजाला
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कोई भी नया काम मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन नामुकिन नहीं। देवपुरा की किरण ने इसे साबित किया है। पति के निधन के बाद दो बेटियों और बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी ने किरण के हाथों में ई-रिक्शा की स्टेयरिंग थमा दी। हरिद्वार में पहली ई-रिक्शा चलाने वाली महिला की पहचान दे दी।
सड़क पर तमाम मुश्किलें झेलने और रिश्तेदारों के तानों से किरण ने हौंसला नहीं छोड़ा। किरण ने ई-रिक्शा चलाते हुए दोनों बेटियों को बीएड करवाने के बाद उनकी शादी करवा दी। बेटे को पढ़ा रही हैं। घर का कामकाज करने के साथ किरण प्रत्येक दिन छह घंटे सड़कों पर ई-रिक्शा चलाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। देवपुरा की किरण की उम्र 45 साल से अधिक है, लेकिन उसका हौसला युवाओं से कम नहीं है।
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