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जीएमसी जम्मू
– फोटो : अमर उजाला
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बरसात के सीजन में सर्पदंश के मामलों की बाढ़ आ गई है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। बुधवार को विभाग के अधिकारियों ने कठुआ में बैठक कर सर्पदंश से संबंधित मामलों पर जिला अस्पतालों से रिपोर्ट ली और एंटी स्नेक वेनम की स्थिति जानी।
जम्मू संभाग के पांच जिलों और तीन तहसील मुख्यालयों में बरसात का सीजन शुरू होने से लेकर अब तक सर्पदंश के लगभग 305 मामले सामने आ चुके हैं और नौ लोगों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मौतें लोगों की लापरवाही के कारण हुई हैं। परिवारजन मरीज को अस्पताल देरी से लेकर पहुंचते हैं। इससे पहले वह झाड़-फूंक वालों को दिखाने में लगे रहते हैं।
जम्मू संभाग के अस्पतालों में बरसात से पहले ही सांप के जहर को खत्म करने वाली वैक्सीन उपलब्ध करवा दी जाती है, इसलिए लोग सर्पदंश का पता चलते ही नजदीकी अस्पताल में जाएं ताकि जान बचाई जा सके। सर्पदंश के मामलों में कठुआ जिला सबसे आगे है। इसके बाद राजोरी और जम्मू शहर का स्थान है। सांप के डंसने से अब तक सबसे ज्यादा मौतें कठुआ और राजोरी में हुई हैं। कठुआ में इस सीजन में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है जबकि राजोरी में दो लोगों में सर्पदंश से प्राण गंवाए हैं।
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