jammu kashmir: कश्मीर में हड़ताल की कॉल देना अब इतिहास, एलजी बोले- पर्यटन के तौर पर लिख रहा नया इतिहास

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Calling for strike Kashmir now history, LG said - writing new history tourism

कश्मीर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एलजी मनोज सिन्हा
– फोटो : संवाद

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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर कभी आतंकवादियों का गढ़ हुआ करता था। अब इसे पर्यटन और विकास गतिविधियों के केंद्र के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यहां हड़ताल की कॉल देना अब इतिहास हो गया है। अब हर दिन सामान्य है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर अब पर्यटन और विकासात्मक गतिविधियों के हॉटस्पॉट के रूप में जाना जाता है।

पहले पड़ोसी देश द्वारा दी जाने वाली हड़ताल कॉल पर स्कूल, कॉलेज और व्यापार बंद हो जाते थे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। हर साल 1 जनवरी को हड़ताल का कैलेंडर जारी किया जाता था। अब 365 दिन जनजीवन सामान्य रहे, इसकी कोशिश जारी है। इसमें सफलता भी मिली है।

उपराज्यपाल ने कहा, मैं बच्चों से कहना चाहता हूं कि आप ही जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ भारत का भविष्य हैं। इसलिए आप सही तरीके से पढ़ाई करें। आज आप अमृत काल में हैं और जब देश आजादी का अमृत महोत्सव से निकल कर शताब्दी वर्ष मनाए तो इस भारत का नेतृत्व आप करें।

आपके नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने, इसके लिए आवश्यक है  अमन, चैन और शांति। इसके बिना विकास के काम नहीं हो सकते। यह बात सबको जेहन में रखनी चाहिए।

इस बार दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक आएंगे

उपराज्यपाल ने कहा, पिछले साल एक करोड़ 88 लाख पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए थे। इस बार यह संख्या दो करोड़ से ज्यादा होने वाली है। आज 500 से ज्यादा नए इंटरप्रेनर अपने नए जीवन का आगाज कर रहे हैं। हर दूसरे दिन एक नया स्टार्टअप जम्मू-कश्मीर के नौजवान के कारण देश को उपलब्ध हो रहा है।

जब कोरोना से कई राज्यों की अर्थव्यवस्था में गिरावट दर्ज की गई थी, तब भी जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था ग्रो कर रही थी। इंडस्ट्रियलाइजेसन की मुहिम में देखें, बड़े कम समय में अनेक इन्वेस्टमेंट का प्रपोजल था और जमीन पर 24 हजार करोड़ से ज्यादा काम चल रहे हैं। मैं भरोसा देना चाहता हूं कि अगले दो वर्षों में न्यूनतम 75 हजार करोड़ इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट जम्मू-कश्मीर में जमीन पर उतर जाएगा।

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