Jammu Kashmir: प्रदेश में 18.86 हजार अतिरिक्त उद्यम होंगे सृजित, 2.88 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

[ad_1]

जम्मू सचिवालय

जम्मू सचिवालय
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

जम्मू-कश्मीर में 18861 अतिरिक्त उद्यम सृजित किए जाएंगे। 2.88 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी सफल होंगी जब उन्हें धरातल पर उतारकर काम किया जाए।

कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है, इसके लिए अधिकारी मिशन मोड पर काम करें। कृषि और संबद्ध क्षेत्र के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने इन योजनाओं पर काम करने के निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आकर्षक आर्थिक रिटर्न के साथ कृषि क्षेत्र पर और अधिक ध्यान आकर्षित करने की जरूरत है। किसानों की आय बढ़ाने और अधिक लाभ पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना होगा।

जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए विभाग काम करे। इससे पांच साल के बाद जम्मू-कश्मीर कृषि क्षेत्र में आगे होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जम्मू-कश्मीर को यूटी के रूप में एक रोल मॉडल बनाया जाए।

स्वीकृत परियोजनाओं पर मंथन

इससे पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) कृषि उत्पादन विभाग अटल डुल्लू ने प्रदेश में कृषि पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में शीर्ष समिति की ओर से स्वीकृत परियोजनाओं की सूची पर गहन मंथन किया गया।

बैठक में पीपीपी में बीज और बीज गुणवत्ता, जम्मू-कश्मीर में विशिष्ट फसलों को बढ़ावा देने, कृषि मशीनीकरण और स्वचालन पर भी चर्चा की गई।

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में 18861 अतिरिक्त उद्यम सृजित किए जाएंगे। 2.88 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी सफल होंगी जब उन्हें धरातल पर उतारकर काम किया जाए।

कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है, इसके लिए अधिकारी मिशन मोड पर काम करें। कृषि और संबद्ध क्षेत्र के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने इन योजनाओं पर काम करने के निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आकर्षक आर्थिक रिटर्न के साथ कृषि क्षेत्र पर और अधिक ध्यान आकर्षित करने की जरूरत है। किसानों की आय बढ़ाने और अधिक लाभ पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना होगा।

जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए विभाग काम करे। इससे पांच साल के बाद जम्मू-कश्मीर कृषि क्षेत्र में आगे होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जम्मू-कश्मीर को यूटी के रूप में एक रोल मॉडल बनाया जाए।

स्वीकृत परियोजनाओं पर मंथन

इससे पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) कृषि उत्पादन विभाग अटल डुल्लू ने प्रदेश में कृषि पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में शीर्ष समिति की ओर से स्वीकृत परियोजनाओं की सूची पर गहन मंथन किया गया।

बैठक में पीपीपी में बीज और बीज गुणवत्ता, जम्मू-कश्मीर में विशिष्ट फसलों को बढ़ावा देने, कृषि मशीनीकरण और स्वचालन पर भी चर्चा की गई।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *