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जम्मू कश्मीर
– फोटो : पीटीआई
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चीन सहित कई देशों में महामारी फैला रहे कोविड से अभी डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क और पर्याप्त तैयारी करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार गैर संचारी रोगों (नान कम्युनिकेबल डिजीज) से पीड़ित लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है। पहले से बीमार लोगों को हर हालत में कोविड टीके की तीसरी (एहतियाती) खुराक लेना जरूरी है, ताकि उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ सके और वे किसी भी वायरस का मुकाबला करने के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ कोविड के लक्षण मिलने पर तुरंत परीक्षण करवाएं, ताकि जल्दी उपचार लेकर शरीर में वायरस से हुए संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सके। पिछली कोविड लहरों के दौरान भी गैर संचारी रोगी वायरस की जल्दी पकड़ में आए थे।
जीएमसी के मेडिसिन विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि पिछली लहरों से अधिकांश लोग कोविड से लड़ने के लिए तैयार हो चुके हैं। इसमें कोविड टीकाकरण की अहम भूमिका रही है। खासतौर पर गैर संचारी रोगों से पीड़ित जिन लोगों ने तीसरी एहतियाती टीके की खुराक नहीं ली है, उन्हें जल्द यह खुराक ले लेनी चाहिए।
ये खुराक अगले कई महीने तक बाहरी वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए मानव शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। गैर संचारी रोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी, कैंसर आदि मरीजों को खास एहतियात बरतनी चाहिए। अधिकांश लोग कोविड लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जो उन्हें अधिक बीमार करता है। इसमें गैर संचारी रोगों के पीड़ितों को लक्षण मिलने पर जल्द कोविड परीक्षण करवाना चाहिए। जितनी जल्दी कोविड संक्रमण का पता चलेगा। उसे उतनी ही जल्दी रोकने के प्रबंधन पर काम किया जाएगा।
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सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के नेफरोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. राजू भंडारी का कहना है कि किडनी फेलियर या अन्य किडनी संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों की शारीरिक क्षमता पहले से कमजोर होती है, ऐसे रोगियों को कोविड से बचाव पर खास ध्यान देना चाहिए। गैर संचारी रोगियों के शरीर पर कोविड जैसे वायरस जल्दी हमला करने में कामयाब होते हैं।
ऐसे करें बचाव
– गैर संचारी रोगी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें
– बाहरी गतिविधियों के दौरान मास्क जरूर पहनें और सर्जिकल मास्क को प्राथमिकता दें
– जरूरी कार्यों के दौरान निर्धारित सामाजिक दूरी का पालन करें
– बुजुर्गों की सेहत पर खास ध्यान दें, संक्रमित होने पर आइसोलेट करके उचित इलाज दें
– दिनचर्या में हल्के व्यायाम को शामिल करें, मानसिक रूप से मजबूत बनें
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