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JDA Files Missing Scam
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) से 350 आवास एवं प्लांट आवंटन की फाइलें गायब मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। अब पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। सरकार के शहरी आवास एवं विकास विभाग ने क्राइम ब्रांच को मामला दर्जकर जांच करने के लिए पत्र लिखा है। क्राइम ब्रांच के द्वारा जांच करने की जानकारी होते ही जेडीए के अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
क्राइम ब्रांच साल 2014 से लेकर 2019 तक रिकार्ड रूम से गायब करीब 350 फाइलों और दस्तावेजों के सुबूत एकत्रित करेगी। सुबूत मिलने के बाद फाइल गायब करने मामले में संलिप्त आरोपियों पर मामला दर्ज किया जाएगा।
पहली बार कब गुम हुईं फाइलें
जेडीए से फाइलों के गुम होने का मामला पहली बार 2019 में सामने आया। फर्जीवाडे को दबाने के लिए कुछ आवंटियों को डुप्लीकेट फाइलें भी दी गईं। इसका कई आवंटियों ने विरोधकर शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद 2020 में डुप्लीकेट फाइलें न देने पर फैसला लिया गया। 2021 में कमेटी का गठन हुआ। कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट सौंपी। जेडीए में आवंटन के नाम पर हुए फर्जीवाड़े का मामला तूल पकड़ा तो प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है।
सरकार के शहरी आवास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत गोयल ने मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को पत्र लिखा है। जांच शुरू होते ही फर्जीवाड़े की परतें खुलेंगी। फिलहॉल मामला क्राइम ब्रांच में पहुंचने की जानकारी मिलते ही जेडीए में हड़कंप मचा हुआ है।
रिकार्ड कीपर से लेकर कई अफसरों के नाम आ रहे सामने
जानकारी के मुताबिक जेडीए द्वारा पूर्व में तैयार रिपोर्ट में 16 से ज्यादा कर्मचारियों की संलिप्ता की आशंका जताई गई थी। इसमें रिकार्ड कीपर से लेकर अधिकारी तक के नाम सामने आए थे, लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जेडीए सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई 2021 में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर हो रही है।
शासन की ओर से निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को पत्र लिखा गया है। इस पर एफआईआर दर्ज होगी और आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कौन जिम्मेदार है, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता, जांच के बाद सबकुछ सामने आ जाएगा। – साहिल जंडियाल, सचिव, जेडीए।
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